BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
बुधवार, 13 फ़रवरी, 2008 को 12:35 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
राज ठाकरे ज़मानत पर रिहा
राज ठाकरे
राज ठाकरे के ख़िलाफ़ दो मामले दर्ज हैं
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे को बुधवार दोपहर को मुंबई में उनके निवास से गिरफ़्तार किया गया और फिर ज़मानत पर रिहा कर दिया गया.

राज ठाकरे को मुंबई की एक निचली अदालत ने 15 हज़ार रुपए के मुचलके पर ज़मानत दी है. उनके ख़िलाफ़ विभिन्न समुदायों को भड़काने और वैमनस्य को बढ़ावा देने के आरोप हैं.

बीबीसी के भारत संपादक संजीव श्रीवास्तव का कहना है, "बुधवार को पूरा नाटक कोई ढ़ाई घंटे चला और बाद में ज़मानत मिलने पर राज ठाकरे किसी बड़े नायक की तरह कोर्ट से बाहर निकले. लेकिन समझदार लोगों को वे खलनायक की तरह ही नज़र आए."

संजीव श्रीवास्तव का कहना है कि चुनाव में ही तय होगा कि उन्हें इस घटनाक्रम से उन्हें कितना फ़ायदा या नुकसान हुआ और उनकी मराठी भाषियों में पैठ बड़ी या नहीं.

लेकिन उनका ये भी कहना है कि गिरफ़्तारी देर से हुई हो या समय से, उससे कुछ ख़ास हासिल हुआ हो, ऐसा प्रतीत नहीं होता क्योंकि मुंबई में कोई ख़ास असुरक्षा का महौल नहीं है और न ही लोग अपने घरों को छोड़ शहर से बाहर जा रहे हैं.

उधर समाजवादी पार्टी नेता अबू आज़मी को भी गिरफ़्तार कर लिया गया था और फिर उन्हें भी ज़मानत पर रिहा कर दिया गया. उनके ख़िलाफ़ भी वैमनस्य को बढ़ावा देने के आरोप हैं.

 बुधवार को पूरा नाटक कोई ढ़ाई घंटे चला और बाद में ज़मानत मिलने पर राज ठाकरे किसी बड़े नायक की तरह कोर्ट से बाहर निकले. लेकिन समझदार लोगों को वे खलनायक की तरह ही नज़र आए
संजीव श्रीवास्तव, बीबीसी हिंदी के भारत संपादक

महाराष्ट्र में कई ज़िलों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किए गए हैं और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.

समाचार माध्यमों के अनुसार राज्य में कुछ जगहों से छुटपुट हिंसा की ख़बरें मिली है लेकिन अधिकतर जगह स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है.

उत्तर भारतीयों पर निशाना

ये विवाद लगभग दस दिन पहले तब शुरु हुआ था जब राज ठाकरे ने कहा था कि बिहार से आए लोग 'छठ का ड्रामा करके मुंबई में अपनी राजनीतिक शक्ति का प्रदर्शन' कर रहे हैं.

 पूरे राज्य में सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं लेकिन अगर कोई छुटपुट घटनाएँ होती हैं या फिर शरारत करने की कोशिश होती है तो पुलिस कार्रवाई करेगी. पुलिस ने जिन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है वह ग़ैर-ज़मानती धाराएँ हैं और पुलिस राज ठाकरे की ज़मानत की अर्ज़ी का विरोध करेगी
महाराष्ट्र के पुलिस प्रमुख

इस बयान पर केंद्रीय मंत्री लालू प्रसाद यादव और कुछ अन्य नेताओं की ओर से तीख़ी प्रतिक्रिया हुई थी. इस बयान के बाद महाराष्ट्र में कुछ जगह पर हिंसा भड़की थी और राज ठाकरे के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया था.

पिछले हफ़्ते मुंबई में राज ठाकरे ने फिर एक सभा में सुपरस्टार अमिताभ बच्चन के ख़िलाफ़ आग उगली और कहा महाराष्ट्र निवासी होने के बावजूद अमिताभ उत्तर प्रदेश का गुणगान ही करते रहे हैं.

इसके बाद महाराष्ट्र के कुछ ज़िलों में हिंसा की छुटपुट घटनाओं होती रहीं और सोमवार को मुंबई पुलिस ने नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे के ख़िलाफ़ वैमनस्य को बढ़ावा देने का मामला दर्ज किया.

अमिताभ बच्चन पर राज ठाकरे के बयान के बाद समाजवादी पार्टी नेता अमर सिंह हरकत में आए और उन्होंने भी तीख़ी बयानबाज़ी की.

समाजवादी पार्टी नेता अबू आज़मी के ख़िलाफ़ भी वैमनस्य को बढ़ावा देने का मामला दर्ज किया गया.

कई ज़िलों में तनाव

एमएनएस कार्यकर्ता
हिंसा का घटनाओं के बाद पिछले कुछ दिनों में राज ठाकरे के कुछ समर्थकों को गिरफ़्तार भी किया गया है

राज ठाकरे की गिरफ़्तारी की संभावना को देखते हुए पिछले कुछ दिनों से महाराष्ट्र के विभिन्न ज़िलों में तनाव का माहौल है.

मंगलवार को उनके समर्थक सड़कों पर उतर आए थे और उन्होंने पुणे और नासिक सहित छह नगरों में हिंसक गतिविधियाँ की थीं.

उत्तर भारतीयों की दुकानों और वाहनों के साथ-साथ सार्वजनिक परिवहन की बसों पर भी पथराव हुआ था.

राज्य सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने के लिए कई जगह अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किए हैं. मंगलवार को केंद्रीय अर्धसैनिक बलों को राज्य के लिए रवाना किया गया.

राज ठाकरे की पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं की गिरफ़्तार किया गया है.

राज ठाकरे की गिरफ़्तारी के बाद महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक पीएस पसरीचा ने कहा, "पूरे राज्य में सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं लेकिन अगर कोई छुटपुट घटनाएँ होती हैं या फिर शरारत करने की कोशिश होती है तो पुलिस कार्रवाई करेगी. पुलिस ने जिन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है वह ग़ैर-ज़मानती धाराएँ हैं और पुलिस राज ठाकरे की ज़मानत की अर्ज़ी का विरोध करेगी."

उन्होंने इन आरोपों का खंडन किया कि पुलिस ने कार्रवाई करने में सुस्ती बरती है. उनका कहना था कि राज्य में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री का दौरा चल रहा था और वैसे भी सभी सबूतों को एकत्र कर ही पुलिस कार्रवाई करना चाहती थी और न्यायालय जाना चाहती थी.

राजनीति की आग
महाराष्ट्र में हिंसा और तोड़फोड़ की असली जड़ें मराठी समाज में छिपी हैं.
इससे जुड़ी ख़बरें
'उत्तर भारतीय दुकानदारों पर हमले'
12 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस
राज ठाकरे के ख़िलाफ़ फिर मामला दर्ज
11 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस
उद्धव ठाकरे भी ग़ैर मराठियों पर गरजे
10 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस
राज ठाकरे के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज
04 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस
'हीन भावना है झगड़े की जड़ में'
04 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस
भोजपुरी स्टार के बंगले पर हमला
05 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>