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मंगलवार, 12 फ़रवरी, 2008 को 12:28 GMT तक के समाचार
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'उत्तर भारतीय दुकानदारों पर हमले'
राज ठाकरे
राज ठाकरे पर क्षेत्रवाद के आधार पर भड़काऊ बयान देने का आरोप है
नासिक पुलिस ने कहा है कि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के मुखिया राज ठाकरे की संभावित गिरफ़्तारी के विरोध में उत्तर भारतीय लोगों की कुछ दुकानों पर हमले हुए हैं.

हालाँकि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रवक्ता ने इन ख़बरों का खंडन किया है कि नासिक में दुकानदारों पर हमले उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने किए हैं.

उधर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने कहा है कि पार्टी अध्यक्ष राज ठाकरे अपनी गिरफ़्तारियों की अटकलों के बावजूद अग्रिम ज़मानत नहीं मांगेंगे.

इस बीच केंद्रीय मानव संसाधान मंत्री अर्जुन सिंह ने कहा है राज ठाकरे के कथित भड़काऊ बयानों के बाद उत्तर भारतीय लोगों पर कुए कथित हमलों के हालात में केंद्र सरकार को हस्तक्षेप करना चाहिए.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार अर्जुन सिंह ने कहा, "जी हाँ, केंद्र को हस्तक्षेप करना चाहिए. यह क़ानून और व्यवस्था का मामला है. इस तरह की घटनाएँ देश के हित में नहीं हैं."

समाचार एजेंसियों के अनुसार नासिक में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के कार्यकर्ताओं ने कुछ ऐसी दुकानों को निशाना बनाया है जो उत्तर भारत के लोग चलाते हैं.

नासिक पुलिस ने इस मामले में कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया है. भारी पुलिस तैनाती के बावजूद नासिक के कुछ इलाक़ों में काफ़ी अशांति देखी गई है और शहर में तनाव है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार पुलिस ने कहा कि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के कुछ कार्यकर्ताओं ने शालीमार चौक इलाक़े में कुछ दुकानदारों की कथित रूप से पिटाई की और उनके ठेलों को भी नुक़सान पहुँचाया.

कुछ दुकानदारों को चोटें भी आई हैं और उनका इलाज सरकार अस्पतालों में किया जा रहा है.

पुलिस के अनुसार जिन लोगों को हमलों का निशाना बनाया गया उनमें से ज़्यादातर उत्तर प्रदेश से हैं और वहाँ काफ़ी लंबे समय से हाथ ठेलों पर फल और सब्ज़ियाँ बेचते आए हैं.

लेकिन महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के महासचिव वसंद गीते ने ऐसी ख़बरों का खंडन किया है कि उनकी पार्टी के कार्यकर्ता इस तरह के किसी हमले में शामिल रहे हैं.

पुलिस ने कहा है कि बीती रात भी कुछ अज्ञात लोगों ने उत्तर प्रदेश और बिहार से संबंध रखने वाले कुछ औद्योगिक मज़दूरों पर हमले किए जिनके बाद कुछ लोग नासिक से चले भी गए हैं.

महाराष्ट्र में तनाव
नेताओं के भड़काऊ बयानों से विवाद बढ़ा है

पुलिस ने कहा है कि हिंसक घटनाओं के बाद नासिक रोड पर दुकानें बंद कर दी गई हैं और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है.

पुलिस ने कहा कि महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के कार्यकर्ताओं ने नासिक रोड, अम्बाड़, रविवार पीठ और गंगापुर इलाक़ों में राज्य सड़क परिवहन निगम की कुछ बसों परपथराव भी किया.

नासिक में शहर बस सेवा इन घटनाओं के बाद स्थगित कर दी गई है और विभिन्न मार्गों पर चलने वाली लगभग 840 बसों को निमानी बस अड्डे में खड़ा कर दिया गया है.

राज, आज़मी के ख़िलाफ़ मामले

ग़ौरतलब है कि उत्तर भारत के लोगों के संदर्भ में भड़काऊ बयान देने पर राज ठाकरे और समाजवादी पार्टी के नेता अबू आज़मी के ख़िलाफ़ सोमवार को मामला दर्ज किया गया था और पुलिस ने इन दोनों नेताओं की गिरफ़्तारी की संभावना भी व्यक्त की थी.

संयुक्त पुलिस आयुक्त केएल प्रसाद ने सोमवार को कहा था, "कुछ सबूतों के आधार पर ये मामले दर्ज किए गए हैं और इनमें गिरफ़्तारियाँ ज़रूरी हैं."

 मेरे ख़िलाफ़ मामला दर्ज होने के बाद मैं अपनी गिरफ़्तारी देने की मंशा से पुलिस अधिकारियों से मुलाक़ात करने के लिए पुलिस मुख्यालय गया था
अबू आज़मी

हालाँकि प्रसाद ने यह बताने से इनकार कर दिया था कि राज ठाकरे और अबू आज़मी को कब गिरफ़्तार किया जाएगा.

राज ठाकरे की गिरफ़्तारी की संभावनाओं को देखते हुए पुलिस ने राज ठाकरे के निवास पर सुरक्षा भी बढ़ा दी है और उनके घर के आसपास बेरीकेड लगाए गए हैं.

मुंबई पुलिस ने राज ठाकरे और अबू आज़मी के ख़िलाफ़ मामले अलग-अलग थानों में धारा 153 (दंगा भड़काने नीयत से भड़काऊ बयान देना) औकर 153ए (जन्म स्थान और निवास आदि के आधार पर विभिन्न समुदायों में अदावत पैदा करना) के तहत रविवार रात को दर्ज किए थे.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के एक प्रवक्ता ने कहा है, "पार्टी मुखिया ने फ़ैसला किया है कि वह अग्रिम ज़मानत की अर्ज़ी नहीं देंगे."

पीटीआई ने ख़बर दी है कि समाजवादी पार्टी के नेता अबू आसिम आज़मी ने मंगलवार को पुलिस अधिकारियों से मुलाक़ात करके गिरफ़्तारी देने और जाँच कार्य में सहायता देने की पेशकश की. हालाँकि पुलिस ने भी पुष्टि की है कि उन्हें हिरासत में नहीं लिया गया.

राज्य सभा सांसद अबू आज़मी के साथ उनके वकील भी गए थे और उन्होंने संयुक्त पुलिस आयुक्त केएल प्रसाद से पुलिस मुख्यालय में दोपहर बाद मुलाक़ात की. पुलिस के साथ मुलाक़ात के बाद अबू आज़मी ने पत्रकारों से कहा, "मेरे ख़िलाफ़ मामला दर्ज होने के बाद मैं अपनी गिरफ़्तारी देने की मंशा से पुलिस अधिकारियों से मुलाक़ात करने के लिए पुलिस मुख्यालय गया था."

अबू आज़मी ने कहा, "मुझे बताया गया है कि पुलिस अभी मामले की जाँच-पड़ताल कर रही है."

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