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श्रीलंका में '26 विद्रोही मारे गए' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
श्रीलंका की सेना का कहना है कि अलग-अलग स्थानों पर हुई लड़ाई में कम से कम 26 तमिल विद्रोही मारे गए हैं. ऐसी ख़बरें हैं कि सुरक्षा बलों और तमिल विद्रोहियों के बीच कम से कम चार स्थानों पर लड़ाई हुई है - दो जाफ़ना प्रायद्वीप में और दो देश के पश्चिमोत्तर इलाक़े में हुई हैं. तमिल विद्रोहियों के संगठन - एलटीटीई के प्रवक्ता ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं व्यक्त की है और इसका कोई स्वतंत्र ब्यौरा नहीं मिल सका है कि वास्तव में क्या हुआ. श्रीलंका सरकार ने गत बुधवार को तमिल विद्रोहियों के साथ शांति समझौते से यह कहते हुए हाथ खींच लिया था कि जारी हिंसा की वजह से शांति समझौते का कोई महत्व नहीं बचा है और वह निष्प्रभावी हो चुका है. श्रीलंका सरकार और तमिल विद्रोहियों के बीच वर्ष 2006 में फिर से भड़की हिंसा में पाँच हज़ार से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं. श्रीलंका के रक्षा मंत्रालय की वेबसाइट पर प्रकाशित किए गए एक वक्तव्य में सैन्य सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि शनिवार को देश के पश्चिमोत्तर इलाक़े में दो स्थानों पर हुई लड़ाई में कम से कम 20 विद्रोही मारे गए हैं. एक मुठभेड़ परप्पराकंडल और एक मन्नार के निकट एडम्पन नामक स्थान पर हुई बताई गई है. सेना ने दावा किया है कि इस लड़ाई में उसने हथियारों का बड़ा भंडार नष्ट कर दिया है और इसी वजह से बहुत से विद्रोहियों को अपने क़ब्ज़े वाले इलाक़ों में पीछे हटना पड़ा है. सेना के वक्तव्य में कहा गया है कि जाफ़ना प्रायद्वीप में मुहामलाई और नागरकोविल में भी शनिवार को लड़ाई हुई है और इन दोनों मुठभेड़ों में कुल छह विद्रोही मारे गए हैं. इन चारों मुठभेड़ों में कुल आठ लोगों के घायल होने की भी बात कही गई है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने ख़बर दी है कि एक दिन पहले यानी शुक्रवार को जाफ़ना प्रायद्वीप में ही हुई लड़ाई में आठ अन्य तमिल विद्रोही और एक सैनिक मारा गया था. उस लड़ाई की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई थी. विश्लेषकों का कहना है कि श्रीलंका सरकार और तमिल विद्रोही दोनों ही पक्ष अक्सर अपने दावे बढ़ा-चढ़ाकर पेश करते रहे हैं और पत्रकार इस तरह की लड़ाई वाले इलाक़ों में नहीं पहुँच पाते हैं. तमिलों के विद्रोही संगठन लिबरेशन टाइगर्स ऑफ़ तमिल ईलम यानी एलटीटीई की माँग है कि श्रीलंका के पूर्वोत्तर क्षेत्र में उनका एक अलग देश बनाया जाे. 1983 से भड़की इस लड़ाई में सत्तर हज़ार से ज़्यादा लोगों की जान जा चुकी है. | इससे जुड़ी ख़बरें श्रीलंका सरकार ने युद्घविराम ख़त्म किया02 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में विस्फोट, चार मारे गए02 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस 'हवाई हमले में घायल हुए प्रभाकरण'20 दिसंबर, 2007 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में भीषण संघर्ष जारी, 33 मरे17 दिसंबर, 2007 | भारत और पड़ोस एलटीटीई और सेना के बीच भीषण संघर्ष03 दिसंबर, 2007 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में भीषण संघर्ष जारी, 25 मरे11 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस करुणा की गिरफ़्तारी पर ब्रिटेन की चुप्पी09 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में भीषण लड़ाई, अनेक मारे गए08 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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