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'मज़बूत और स्थिर पाकिस्तान चाहते हैं' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी ने कहा है कि भारत के लिए अच्छा है कि पाकिस्तान मज़बूत हो और वहाँ राजनीतिक स्थिरता क़ायम रहे. पाकिस्तान के परमाणु हथियारों के 'जेहादी हाथों' में चले जाने की पश्चिमी देशों की चिंताओं का जबाव देते हुए प्रणव मुखर्जी ने कहा कि यदि परमाणु हथियार जेहादी हाथों में या सत्ता से बाहर के लोगों के हाथों में जाते हैं तो सभी को चिंता होगी. लेकिन उन्होंने आगे कहा, "लेकिन शायद परिस्थितियाँ परवेज़ मुशर्रफ़ के नियंत्रण में हैं और मैं समझता हूँ कि एक असैन्य राष्ट्रपति की तरह परमाणु हथियार भी उनके हाथों में होंगे." समाचार एजेंसी पीटीआई के संपादकों से चर्चा करते हुए भारतीय विदेश मंत्री ने पाकिस्तान के अलावा चीन और भारत-अमरीका परमाणु समझौते जैसे कई सवालों के जवाब दिए. पाकिस्तान पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तान कई कठिन परिस्थितियों से गुज़र चुका है और वह दिखा चुका है कि उसके भीतर परिस्थितियों पर क़ाबू पाने की ताक़त है. यह पूछे जाने पर कि क्या मौजूदा परिस्थितियों से जम्मू कश्मीर में हिंसा बढ़ सकती है, उन्होंने कहा कि यह समस्या वहाँ पहले से ही है और इसमें नया कुछ नहीं है. उन्होंने कहा, "जम्मू कश्मीर में घुसपैठ की घटनाएँ बढ़ती-घटती रही हैं, शायद आतंकवाद को शुरु और बंद नहीं किया जा सकता. कई देशों में ऐसे मामलों से निपटने में लंबा समय लग जाता है." उन्होंने उम्मीद जताई की पाकिस्तान जनवरी 2004 में जारी साझा बयान पर क़ायम रहेगा. उम्मीद प्रणव मुखर्जी ने कहा है कि यूपीए सरकार ने भारत-अमरीका परमाणु समझौते पर अभी उम्मीद नहीं छोड़ी है. उन्होंने कहा कि हाल ही में दो राज्यों में कांग्रेस को मिली हार का इस समझौते के लागू न होने से कोई संबंध नहीं है. विदेश मंत्री ने कहा कि यूपीए सरकार को बाहर से समर्थन दे रहे वामपंथी दलों के साथ मतभेद के चलते लोकसभा के चुनाव समय से पूर्व होने की कोई संभावना नहीं है. इस समझौते के लिए यूपीए और वामपंथी दलों के बीच बनी समिति के संयोजक प्रणव मुखर्जी ने माना कि समझौते को लागू करने का समय निकलता जा रहा है लेकिन उन्होंने कहा, "इसमें कोई क्या कर सकता है." उन्होंने कहा, "हमने उम्मीद नहीं छोड़ी है और अभी हम विचार कर रहे हैं कि इस समझौते पर किस तरह आगे बढ़ा जा सकता है." पीटीआई के अनुसार प्रणव मुखर्जी ने इस समझौते को लागू करने की समय सीमा से जुड़े सवालों को तो टाल दिया लेकिन संभावना जताई की इस माह के अंत तक आईएईए के साथ बातचीत पूरी हो जाएगी. | इससे जुड़ी ख़बरें ब्रितानी जाँचकर्ता पाकिस्तान पहुँचे04 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान में चुनाव स्थगित02 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस 'पाकिस्तान के हालात पर है क़रीबी नज़र'29 दिसंबर, 2007 | पहला पन्ना 'देश के सामरिक हित सुरक्षित'17 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस 'हालात ठीक होने की उम्मीद'06 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस परमाणु समझौते के मसौदे को हरी झंडी27 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस भारत-पाक के बीच परमाणु समझौता21 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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