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बदसलूकी मामले में कई हिरासत में | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पुलिस का कहना है कि नए साल के जश्न के दौरान मुंबई में दो युवतियों के साथ बदसलूकी करने के मामले में 14 लोगों को हिरासत में लिया गया है. पुलिस के संयुक्त आयुक्त (क़ानून व्यवस्था) केएल प्रसाद ने गुरुवार देर रात पत्रकारों से बातचीत में कहा कि 14 लोगों को हिरासत में लिया गया है. इसमें से एक शख्स ने पुलिस कार्रवाई के डर से आत्मसमर्पण कर दिया. उनका कहना था,'' गिरफ़्तारी से पहले हम शिनाख़्त परेड करेंगे और अख़बार में छपी तस्वीरों से इनका मिलान किया जाएगा.'' केएल प्रसाद का कहना था कि इस मामले में चार लोगों की पहचान कर ली गई है. शुरुआत में इस मामले में पुलिस का रवैया बहुत ही ढीला- ढाला था. लेकिन मीडिया ने इस मामले को जोरशोर से उठाया. इसके बाद राज्य सरकार ने इस पर कड़ी कार्रवाई करने का आदेश देते हुए पुलिस से रिपोर्ट दर्ज करने के लिए कहा. घटना यह हादसा सोमवार, 31 दिसंबर 2007 की देर रात क़रीब पौने दो बजे हुआ जब दो महिलाएं अपने पुरुष मित्रों के साथ होटल से निकलकर जुहू बीच की ओर जा रही थीं. रास्ते में नए साल के स्वागत समारोह के लिए जुटे पुरुषों के एक झुंड ने उन्हें घेर लिया और महिलाओं के साथ बदसलूकी की. बदसलूकी की हद पार करते हुए भीड़ ने महिलाओं के कपड़े भी फाड़ दिए. इस बीच एक प्रेस फ़ोटोग्राफ़र ने पुलिस को ख़बर दी जिस पर पुलिस ने वहां पहुंचकर भीड़ को तो भगा दिया लेकिन इस बारे में कोई मामला दर्ज नहीं किया. अख़बार ने इससे संबंधित तस्वीरों को छापा जिसके बाद ये मामला तूल पकड़ गया. एक साल पहले भी नए साल की पूर्व संध्या पर मुंबई में इसी तरह का हादसा हुआ था जब गेटवे ऑफ़ इंडिया के पास एक युवती के साथ इसी तरह दुर्व्यवहार किया गया था. |
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