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'बलात्कार की शिकार' को माफ़ी मिली | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सऊदी अरब के शाह ने बलात्कार की शिकार उस लड़की की सज़ा निरस्त कर दी है जिसे एक ग़ैर मर्द के साथ कार में होने पर 200 कोड़ों और जेल की सज़ा सुनाई गई थी. यह लड़की एक लड़के के साथ कार में थी जब सात लोगों ने इनका अपहरण कर लिया था और दोनों के साथ बलात्कार किया था. प्रेस रिपोर्टों में कहा गया है कि शाह ने हालाँकि माफ़ी दे दी है लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि सज़ा ग़लत थी. ज़ज़ीरा समाचारपत्र ने न्याय मंत्री अब्दुल्लाह अल शेख़ के हवाले से लिखा है कि अगर माफ़ी जनहित में हो तो शाह को उसका अधिकार है.
सऊदी अरब में महिलाओं को ऐसे पुरुषों से घुलने मिलने का अधिकार नहीं है जो उनके परिवार के सदस्य न हों. पहले इस महिला को 90 कोड़ों की सज़ा दी गई थी लेकिन जब उसने इसके ख़िलाफ़ अपील की तो यह सज़ा बढ़ा कर 200 कोड़े कर दी गई थी. सऊदी शाह अकसर बक़रीद के मौक़े पर क़ैदियों को माफ़ करते हैं. बीबीसी संवाददाता हेबा सालेह का कहना है कि शाह के फ़ैसले की आलोचना शुरू हो गई है. कई कट्टरपंथी वेबसाइटों पर इस आशय के संदेश भेज रहे हैं कि यह माफ़ी मज़हब के ख़िलाफ़ है और पश्चिम को संतुष्ट करने के लिए उठाया गया क़दम है. अमरीका ने सज़ा को चौंकाने वाली बताया था हालाँकि उसने सऊदी न्यायिक व्यवस्था पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया था. मानवाधिकार गुट पश्चिमी सुधारों के समर्थक माने जाने वाले शाह से इस सज़ा को बदल देने की मांग कर रहे थे. न्याय मंत्री ने इस तरह की मांगों को विदेशी हस्तक्षेप कह कर ठुकरा दिया था और इस बात पर ज़ोर दिया था कि फ़ैसला वैध है और महिला ने यह बात मानी है कि उसका कार में सवार अपने साथी से प्रेम संबंध था. उससे पहले शिया समुदाय की इस महिला को यह कहते बताया गया था कि उसकी हाल ही में शादी हुई है और वह इस पुरुष से इसलिए मिली थी ताकि उसके साथ खिंची अपनी एक पुरानी तस्वीर वापस ले सके. महिला ने बताया कि दो अन्य लोग कार में दाख़िल हो गए और उन्हें एक सुनसान जगह ले गए जहाँ कुछ लोग और प्रतीक्षा कर रहे थे. फिर सबने इन दोनों का सामूहिक बलात्कार किया. महिला के साथी को भी 90 कोड़ों की सज़ा सुनाई गई थी. अभी यह पता नहीं कि उसकी सज़ा ख़त्म की गई है या नहीं. | इससे जुड़ी ख़बरें 'समझौते के लिए कठिन फ़ैसले ज़रूरी'27 नवंबर, 2007 | पहला पन्ना शांति प्रक्रिया का समर्थक है सऊदी अरब01 अगस्त, 2007 | पहला पन्ना सऊदी अरब में बड़े क़ानूनी सुधार05 अक्तूबर, 2007 | पहला पन्ना ब्रिटिश मुसलमानों को शाह की सलाह31 अक्तूबर, 2007 | पहला पन्ना 'बलात्कार पीड़ित को कोड़े मारना सही'22 नवंबर, 2007 | पहला पन्ना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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