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अफ़ग़ान महिलाओं का कार चलाना | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़ग़ानिस्तान में वो दिन महिलाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण था जब अधिकारियों ने 21 जनवरी, 2003 को घोषणा की कि वहाँ महिलाएँ दस साल की पाबंदी के बाद कार चला सकेंगी. इसी घोषणआ के साथ पहली बार तीस महिलाओं को ड्राइविंग लाइसेंस दिए गए जो तालेबान शासन की समाप्ति के बाद एक और अहम क़दम था. इनमें से अधिकतर महिलाओं के मामलों से संबद्ध मंत्रालय में काम करती हैं और उन्होंने चार महीने तक कार चलाने का प्रशिक्षण लिया. तालेबान के ज़माने में महिलाओं के काम करने, स्कूल जाने या कार चलाने पर प्रतिबंध था. "हमें अन्य महिलाओं को प्रेरणा देनी चाहिए कि वे अपने अधिकार पाने के लिए ज़रूरी क़दम उठाएँ और अफ़ग़ान समाज में महिलाओं और पुरुषों की बराबरी सुनिश्चित करें". जर्मनी के एक ग़ैर-सरकारी संगठन ने इस काम का बीड़ा उठाया था और उन्होंने दो अफ़ग़ान पुरुषों को इस काम के लिए नियुक्त किया. तीस महिला डॉक्टर भी कार चलाने का प्रशिक्षण ले रही हैं और उन्हें अप्रैल में लाइसेंस मिल जाएँगे. |
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