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माता-पिता की सेवा करो नहीं तो ख़ैर नहीं | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय संसद ने परिवार में माता-पिता या अन्य बुज़ुर्गों की अवहेलना करने पर सख़्त कार्रवाई किए जाने के विधेयक को पारित कर दिया है. 'अभिभावक और वरिष्ठ नागरिक देखभाल और कल्याण विधेयक-2007' के अनुसार बुज़ुर्ग लोगों की देखभाल नहीं करने पर तीन माह की क़ैद की सज़ा हो सकती है. साथ ही इस विधेयक के अनुसार दोषी पाया गया व्यक्ति सज़ा के ख़िलाफ़ अपील भी दायर नहीं कर सकता. सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री मीरा कुमार ने कहा है कि अब संयुक्त परिवार नहीं हैं और ऐसे में इस तरह के विधेयक को पारित किए जाने की आवश्यकता महसूस हुई. इस विधेयक के अनुसार सभी ज़िलों में ट्राइब्यूनल के गठन का प्रावधान है जहां बुज़ुर्ग अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं. यह नियम लोकसभा में पहले ही पारित हो चुका था और राज्यसभा में सांसदों ने गुरूवार को इसे ध्वनिमत से पास कर दिया. अहमियत सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री मीरा कुमार ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि पूरी दुनिया और भारत में भी बुज़ुर्गों की संख्या बढ़ गई है और नई चुनौतियाँ समाज के सामने है. बुज़ुर्गों की देखभाल और बेहतर स्वास्थ्य के लिहाज़ से यह विधेयक कारगर साबित होगा. उन्होंने कहा कि निर्विरोध पारित हुए इस विधेयक से वरिष्ठ नागरिकों में उत्साह और आत्मविश्वास पैदा हुआ है. मीरा कुमार का कहना था, "जो लोग अपने माता-पिता का ख़याल नहीं रखते हैं, उनके लिए नया क़ानून भय जाग्रत कराने वाला है." | इससे जुड़ी ख़बरें जीवन की ढलती सांझ में मिला सहारा24 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस एक सदी के सफ़र की आपबीती14 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस बुज़ुर्ग '126 वर्ष' की उम्र में चल बसे12 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना बुज़ुर्गों के लिए जापानी खिलौने01 मई, 2006 | मनोरंजन एक्सप्रेस लंबी उम्र का दाव जीता03 जनवरी, 2005 | पहला पन्ना सौ साल के सबसे तेज़ धावक11 जुलाई, 2004 | खेल की दुनिया अपने तेरहवीं के लड्डू ख़ुद बाँटे दादी ने30 जून, 2004 | भारत और पड़ोस कैसे बढ़ सकती है उम्र?08 जून, 2004 | आपकी राय | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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