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बुज़ुर्गों के लिए जापानी खिलौने | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दुनिया भर में किसी भी बच्चे के खिलौनों का बक्सा खोलिए तो उसमें जापान में बने या डिजाइन किए गए कुछ खिलौने आपको ज़रुर दिख जाएंगे. लेकिन अब जापान में खिलौना बनाने वाली कंपनियों के लिए दिक्कत शुरु हो गई है क्योंकि यहां छोटे बच्चों की संख्या धीरे धीरे कम होती जा रही है. इसके कारण इन कंपनियों को बड़े बच्चों और यहां तक कि बड़े लोगों के लिए खिलौने बनाने पड़ रहे हैं. बच्चों का रोबोट टॉमी ब्वाय जो एक जमाने में काफी लोकप्रिय था उसे अब बदला जा रहा है ताकि इसकी बिक्री बढ़ाई जा सके. टॉमी की नई शृंखला में ऐसे खिलौने बनाने की कोशिश हो रही है जो महिलाओं को पसंद आएं. ऐसा ही एक खिलौना साठ साल से अधिक की महिलाओं में खासा लोकप्रिय हो रहा है. यह रोबोटनुमा खिलौना अपने मालिक से कहता है कि वो उससे कितना प्यार करता है. न केवल इतना जब मालिक घर आए तो यह रोबोट उसका स्वागत भी करता है. इस तरह के खिलौने खरीदने वाले अधिकतर रिटायर्ट महिलाएं हैं जो अकेले रहती हैं. टॉमी बनाने वाली कंपनी के यूको हीराकावा कहते हैं " कई बूढ़े लोग ये खिलौने खरीदते हैं और समझते हैं ये उनके नाती या पोते जैसे हैं. " हीराकावा कहते हैं " आप इन गुड्डों से बात कर सकते हैं. उनके साथ खेल सकते हैं. ये गुड़्डे किसी भी नवजात शिशु जितने भारी होते हैं. " इन गुड़ियों से बुजुर्ग लोगों खासकर महिलाओं को बहुत खुशी हो रही है. दिक्कतें हाल ही में टॉमी का एक अन्य कंपनी टकारा के साथ विलय हो गया है. टकारा भी खिलौने बनाती है और उन्हें भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. पिछले साल से जापान की जनसंख्या तेज़ी से घटनी शुरु हुई है और एक अनुमान के मुताबिक अगर ऐसा चलता रहा तो 2050 तक जापान में बस दस करोड़ लोग ही रहेंगे जबकि अभी यह संख्या क़रीब 12 करोड़ 80 लाख है. टॉमी कंपनी के अध्यक्ष कानातारो टोमीयामा कहते हैं कि जन्म दर में तेज़ी से कमी आई है जिसक प्रभाव कंपनियों पर भी दिख रहा है. वो कहते हैं " हमें नए प्रकार के खिलौने बनाने होंगे. कहें तो खिलौनों की प्रवृत्ति ही बदलनी पड़ेगी. " एक और कंपनी निनटेंडो भी अपने खिलौनों में व्यापक बदलाव कर रही है यानि कहें तो जापान का पूरा खिलौना उद्योग ही बदल रहा है. | इससे जुड़ी ख़बरें ब्रिटनी के 'प्रेमी' ने दावा ठोका25 अक्तूबर, 2003 | मनोरंजन प्रेम कीजिए घंटों के हिसाब से25 दिसंबर, 2003 | मनोरंजन ब्रिटेन में 'सुडोकू' का नशा31 मई, 2005 | मनोरंजन | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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