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भारत ने सीमा पर चौकसी बढ़ाई | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एमके नारायणन ने कहा है कि पाकिस्तान में इमरजेंसी लागू होने के बाद वहाँ की स्थिति को देखते हुए सीमा पर चौकसी बढ़ा दी गई है. रूस की यात्रा के दौरान विशेष विमान में पत्रकारों से बात करते हुए नारायणन ने कहा कि सीमा पार की स्थिति को देखते हुए घुसपैठ की आशंका के मद्देनज़र सीमा पर सतर्कता बढ़ाई गई है. उन्होंने कहा कि भारत पड़ोसी देश में स्थिरता के पक्ष में हैं और उम्मीद करता है कि वहाँ लोकतंत्र की बहाली शांतिपूर्ण ढंग से होगी. नारायणन का कहना था, "पाकिस्तान में जो कुछ भी हो रहा है, उससे हम काफी चिंतित हैं. हमनें पाकिस्तान से लगी सीमा की सुरक्षा कड़ी कर दी है." उन्होंने कहा कि भारत सीमा पार से घुसपैठ रोकने के लिए हर संभव कदम उठाएगा. पाकिस्तान की ताज़ा स्थिति पर प्रधानमंत्री के बयान का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि भारत हमेशा पड़ोसी देश में स्थिरता के पक्ष में रहा है. उनका कहना था, "हम स्थिर पाकिस्तान चाहते हैं. वहाँ अस्थिरता से समस्या और बढ़ जाती है और हमारी सीमा के भीतर चरमपंथी गतिविधियाँ भी बढ़ती है." इस बीच पाकिस्तान के राष्ट्रपति जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ ने देश में नौ जनवरी से पहले संसदीय चुनाव कराने की घोषणा की है. इमरजेंसी लागू करने के बाद राष्ट्रपति मुशर्रफ़ को पश्चिमी देशों और घरेलू पक्ष पर लगातार आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है. | इससे जुड़ी ख़बरें मुशर्रफ़ की घोषणा का सतर्कता भरा स्वागत11 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस भरोसेमंद हैं मुशर्रफ़ः बुश11 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस बेनज़ीर ने मुशर्रफ़ पर दबाव बढ़ाया10 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस रोक के बावजूद रैली करने की तैयारी09 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस बेनज़ीर की 'नज़रबंदी' ख़त्म09 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस 'पाक में स्थिरता लौटने की उम्मीद'08 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस आपातकाल के ख़िलाफ़ बेनज़ीर की रैली08 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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