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बेनज़ीर ने मुशर्रफ़ पर दबाव बढ़ाया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो इमरजेंसी हटाने और चुनाव घोषित किए जाने की माँग को लेकर राष्ट्रपति मुशर्रफ़ पर दबाव बढ़ाने की कोशिश कर रही हैं. शुक्रवार को रावलपिंडी में प्रस्तावित रैली पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद अब उन्होंने मंगलवार को राजधानी इस्लामाबाद में रैली निकालने की घोषणा की है. उधर अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने कहा है कि इमरजेंसी हटाने और चुनाव कराने का जो वादा जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ ने किया है, उस पर विश्वास नहीं करने का कोई कारण नज़र नहीं आता. उन्होंने ये बयान जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल से मुलाक़ात के बाद दिया है. इस बीच निर्वासित पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने बेनज़ीर को चिट्ठी लिखी है और लोकतंत्र के लिए अभियान में साथ देने की बात कही है. बेनज़ीर की रणनीति बेनज़ीर भुट्टो ने राष्ट्रपति मुशर्रफ़ पर दबाव बढ़ाने के लिए शनिवार को विभिन्न दलों के नेताओं, विदेशी राजनयिकों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं से बातचीत की. बेनज़ीर भुट्टो ने कहा है कि पाकिस्तान को सेना और चरमपंथियों में से किसी एक को चुनने के लिए विवश नहीं किया जाना चाहिए और देशवासियों को सिर्फ़ लोकतंत्र की ओर लौटने का अवसर मिलना चाहिए. नज़रबंदी का आदेश वापस लिए जाने के बाद बेनज़ीर ने मीडिया पर लगे प्रतिबंधों का भी विरोध किया. उन्होंने अपदस्थ मुख्य न्यायाधीश इफ़्तिख़ार मोहम्मद चौधरी से मिलने का प्रयास किया लेकिन सुरक्षाबलों ने उन्हें रोक दिया. बेनज़ीर भुट्टो ने कहा है कि इफ़्तिख़ार चौधरी ही पाकिस्तान के वास्तविक मुख्य न्यायाधीश हैं. इस बीच इमरजेंसी लागू होने के बाद अंतरिम संविधान के तहत शपथ नहीं लेने वाले सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जावेद इक़ाबल को भी नज़रबंद कर दिया गया है. उधर एटॉर्नी जनरल मलिक मोहम्मद क़य्यूम ने कहा है कि आपातकाल एक महीने के भीतर हटाया जा सकता है. मीडिया पर लगाम पाकिस्तानी शासन ने शनिवार को ही ब्रिटिश अख़बार 'डेली टेलीग्राफ़' के तीन पत्रकारों के देश छोड़ने का आदेश दिया है. इन पर आरोप है कि वे अपनी रिपोर्टों में पाकिस्तान के बारे में ग़लत तस्वीरें पेश कर रहे हैं. पाकिस्तान के सूचना उपपमंत्री तारिक़ अज़ीम ने कहा कि इसैमबर्ड विल्किनसन, कॉलिन फ़्रीमैन और डेमियन मैकेलरॉय को वापस ब्रिटेन लौटने का आदेश दिया गया है. उनका कहना था कि विदेशी पत्रकार पाकिस्तान और पाकिस्तानी नेतृत्व के ख़िलाफ़ ग़लत और ग़ैर ज़िम्मेदार भाषा का प्रयोग कर रहे हैं. राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने चरमपंथियों की बढ़ती हिंसा और न्यायपालिक में अव्यवस्था की दलील देते हुए शनिवार, तीन नवंबर को आपातकाल लगा दिया था. |
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