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संसदीय चुनाव नौ जनवरी तक:मुशर्रफ़ | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान में इमरजेंसी लगाए जाने के बाद अपने पहले संवाददाता सम्मेलन में राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा है कि देश में संसदीय चुनाव नौ जनवरी तक कराए जाएँगे. उन्होंने कहा कि इसके लिए आवश्यक तैयारियाँ और घोषणाएँ चुनाव आयोग करेगा. मुशर्रफ़ के इस फ़ैसले का अमरीका और ब्रिटेन ने सतर्कता के साथ स्वागत किया है. विपक्षी नेता बेनज़ीर भुट्टो ने इसे 'पहला सकारात्मक क़दम' बताया है मगर उन्होंने चिंता जताई है कि इमरजेंसी के तहत चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष नहीं होंगे. अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलिज़ा राइस ने नौ जनवरी चुनाव कराए जाने के वादे का स्वागत किया है लेकिन साथ ही कहा है कि इमरजेंसी जल्द हटाई जानी चाहिए. ब्रितानी विदेश मंत्रालय ने मुशर्रफ़ की घोषणा का स्वागत किया है और साथ ही कहा है कि "संविधान की तत्काल बहाली के लिए क़दम उठाए जाने चाहिए." इमरजेंसी परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा कि देश में लगाई गई इमरजेंसी को हटाए जाने की कोई समयसीमा नहीं है. इससे पहले पाकिस्तान के एटॉर्नी जनरल मलिक कयूम ने कहा था कि इमरजेंसी कुछ ही सप्ताह के लिए है लेकिन अब मुशर्रफ़ ने कहा है कि "इमरजेंसी की कोई तय मियाद नहीं है और वह तब तक लागू रहेगी जब तक कि ज़रूरत है." इमरजेंसी में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कैसे होंगे जब विपक्षी नेता नज़रबंद हैं, इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि "आत्मघाती हमलों और चरमपंथी हमलों को रोकने के लिए इमरजेंसी ज़रूरी है ताकि शांति से चुनाव हो सकें". उनके इस बयान के बाद एक तरह से स्पष्ट हो गया है कि पाकिस्तान में संसदीय चुनाव इमरजेंसी के दौरान होंगे. उन्होंने कहा, "इमरजेंसी की वजह से हम मज़बूत होकर चरमपंथ का मुक़ाबला कर सकते हैं, इमरजेंसी की वजह से क़ानून-व्यवस्था बेहतर हो सकती है." परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा, "इमरजेंसी को हटाया जाना चाहिए यह मैं समझता हूँ लेकिन इमरजेंसी कब हटाई जाएगी, इसकी कोई तारीख़ तय नहीं हो सकती." परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा है चुनाव के नाम पर किसी को शांति भंग नहीं करने दी जाएगी, चुनाव के नियमों का सबको पालन करना होगा, लोकतंत्र और चुनाव प्रचार के नाम पर नियम तोड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी. बेनज़ीर क्या बेनज़ीर आपकी दोस्त हैं या विरोधी, यह पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि "पाकिस्तान में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव होंगे और सबके लिए नियम एक जैसे होंगे जो चुनाव आयोग तैयार करेगा".
अंतरराष्ट्रीय सहायता के बारे में पूछे जाने पर परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा कि उन्हें इस बात की आशंका नहीं है कि देश को मिलने वाली आर्थिक सहायता बंद हो सकती है, उन्होंने कहा कि "सबको ज़मीनी हालत पता है, मेरी कई नेताओं से बात हुई है और सबने पाकिस्तान की हालत को समझा है." पाकिस्तानी राष्ट्रपति ने कहा है कि स्वात और वज़ीरिस्तान में "सैनिक अभियान तब तक जारी रहेंगे जब तक कि आतंकवाद का सफ़ाया नहीं हो जाता." उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि जिन लोगों को हिरासत में लिया गया है या नज़रबंद किया गया है वे "क़ानून-व्यवस्था और शांति के लिए ख़तरा थे." परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा कि "न्यायपालिका ने अपनी हदें पार कर दी थीं और उनकी ग़लतियों को ठीक करना ज़रूरी था, क़ानून लागू करने वाली एजेंसियाँ बेबस हो गई थीं, चीफ़ जस्टिस के ख़िलाफ़ गंभीर आरोप थे, मेरे लिए एक्शन लेना ज़रूरी हो गया था." उन्होंने कहा, "पाकिस्तान में जितनी समस्याएँ आज दिख रही हैं उनकी जड़ में न्यायपालिका की हरकतें थीं इसलिए बदलाव करने पड़े और इमरजेंसी लगानी पड़ी." परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा कि न्यायपालिका का पुनर्गठन किया जा चुका है और जिन जजों ने नई व्यवस्था के तहत शपथ नहीं ली है उनके लिए अब कोई जगह नहीं है. | इससे जुड़ी ख़बरें मुशर्रफ़ सेनाध्यक्ष का ओहदा छोड़ें: बेनज़ीर06 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस 'ये सब पाकिस्तान की ख़ातिर है'03 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान में चीफ़ जस्टिस बर्ख़ास्त03 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस 'इमरजेंसी का विरोध करेगी पीपीपी'01 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस 'अभी आपातकाल नहीं हटेगा'14 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान में इमरजेंसी नहीं लगाई जाएगी09 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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