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आपातकाल के ख़िलाफ़ बेनज़ीर की रैली
बेनज़ीर भुट्टो
बेनज़ीर भुट्टो ने राष्ट्रपति मुशर्रफ़ की घोषणाओं को ख़ारिज कर दिया है
पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) की प्रमुख बेनज़ीर भुट्टो इमरजेंसी के ख़िलाफ़ शुक्रवार को रावलपिंडी में एक रैली आयोजित करने जा रही हैं.

पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो ने कहा है कि रैली से पहले उनकी पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ताओं को गिरफ़्तार कर लिया गया है.

पीपीपी के प्रवक्ता फ़रज़ान राजा ने हज़ारों कार्यकर्ताओं को गिरफ़्तार किए जाने का आरोप लगाया है.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार प्रवक्ता फ़रजाना राजा ने कहा, "पुलिस ने पूरे पंजाब में पूरी रात हमारे कार्यकर्ताओं के घरों पर छापे मारे हैं. हमारे बहुत से कार्यकर्ताओं गिरफ़्तार कर लिया है जिनकी संख्या हज़ारों में है."

उधर सरकार ने व्यापक पैमाने पर गिरफ़्तारियों की बात से इनकार किया है.

पुलिस ने पहले ही कह दिया था कि उसने रैली की अनुमति नहीं दी है.

घोषणा ख़ारिज की

दूसरी ओर बेनज़ीर भुट्टो ने राष्ट्रपति मुशर्रफ़ की 15 फ़रवरी तक चुनाव कराए जाने की घोषणा को ख़ारिज कर दिया है.

पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने राष्ट्रपति मुशर्रफ़ से चुनाव की निश्चित तारीख़ की घोषणा करने की माँग की.

साथ ही उन्होंने अगामी गुरुवार तक परवेज़ मुशर्रफ़ से सेना प्रमुख का पद छोड़ने को कहा.

बेनज़ीर का कहना था कि ये घोषणा आपातकाल के ख़िलाफ़ विपक्ष के आंदोलन को कमज़ोर करने के लिए की गई है.

इसके पहले राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक के बाद राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने 15 फ़रवरी से पहले चुनाव कराने की घोषणा की.

परवेज़ मुशर्रफ़ ने पीटीवी से कहा, " ये मेरा वादा था और मैं इसे पूरा करने जा रहा हूँ."

मुशर्रफ़ की इस घोषणा से ठीक पहले अमरीकी राष्ट्रपति बुश ने इमरजेंसी लगने के बाद उनसे पहली बार फ़ोन पर बात की थी. बुश ने कहा था कि वे जल्द से जल्द चुनाव करवाएँ और सेनाध्यक्ष का पद छोड़ दें.

पीटीवी ने बताया है कि परवेज़ मुशर्रफ़ ने राष्ट्रपति के रूप में अपने दूसरे कार्यकाल की शुरूआत से पहले वर्दी उतार देने का अपना वादा दोहराया है लेकिन इसके लिए उन्होंने कोई तारीख़ या समयसीमा नहीं तय की है.

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