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रोक के बावजूद रैली करने की तैयारी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) की प्रमुख और पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो शुक्रवार को रावलपिंडी में एक रैली करने जा रही हैं. इमरजेंसी के ख़िलाफ़ होने जा रही इस रैली के लिए प्रशासन ने अनुमति नहीं दी है लेकिन बेनज़ीर भुट्टो ने कहा है कि रैली इस रोक के बाद भी निकलेगी. इस बीच पीपीपी ने दावा किया है कि पुलिस ने घरों पर छापे मारकर उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं को गिरफ़्तार कर लिया गया है. पार्टी ने इनकी संख्या हज़ारों में होने का दावा किया है. रावलपिंडी से बीबीसी संवाददाता ज़ुल्फ़िकार अली ने ख़बर दी है कि जिस मैदान पर रैली का आयोजन होना है वहाँ पुलिस तो तैनात है लेकिन पीपीपी की ओर से तैयारियाँ नज़र नहीं आ रही हैं. उनका कहना है कि बेनज़ीर भुट्टो ने साफ़ कहा है कि वे हर सूरत में रैली करेंगी. इस बीच चर्चा चल रही है कि सरकार बेनज़ीर भुट्टो को नज़रबंद कर सकती हैं. संवाददाता इस संभावना से इनकार नहीं कर रहे हैं. गिरफ़्तारियाँ रावलपिंडी में रैली की घोषणा के बाद बुधवार की रात से ख़बरें आने लगीं थीं कि पुलिस ने पीपीपी के कार्यकर्ताओं को गिरफ़्तार करना शुरु किया है. गुरुवार को बेनज़ीर भुट्टो और उनकी पार्टी के प्रवक्ता ने दावा किया था कि हज़ारों कार्यकर्ताओं को उनके घरों पर छापा मारकर गिरफ़्तार कर लिया गया है. बीबीसी संवाददाता ऐजाज़ मेहर का कहना है कि रावलपिंडी और आसपास के शहर, चकवाल, झेलम और अटक आदि से पीपीपी के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने पकड़ा है. उधर पीपीपी ने साफ़ कर दिया है कि शासन की इजाज़त के बग़ैर भी रैली होगी. प्रशासन ने रैली की अनुमति न देने के पीछे चरमपंथी हमलों की आशंका जताई थी और कहा था कि ख़ुफ़िया रिपोर्ट के अनुसार पंजाब प्रांत में सात-आठ आत्मघाती हमलावर घुस आए हैं. इसका जवाब देते हुए पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो ने कहा है कि जब प्रांतों के मुख्यमंत्री और मंत्री रैलियाँ और जनसभाएँ कर सकते हैं और उन पर हमला नहीं होता तो फिर पीपीपी की रैली भी हो सकती है. उनका कहना था कि दरअसल यह प्रशासन की ओर से लोकतंत्र चाहने वालों को रोकने की कोशिश है. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि रैली को रोकने के लिए रावलपिंडी आने वाली सड़कों पर यातायात रोके जाने की भी आशंका है. घोषणा ख़ारिज की दूसरी ओर बेनज़ीर भुट्टो ने राष्ट्रपति मुशर्रफ़ की 15 फ़रवरी तक चुनाव कराए जाने की घोषणा को ख़ारिज कर दिया है.
पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने राष्ट्रपति मुशर्रफ़ से चुनाव की निश्चित तारीख़ की घोषणा करने की माँग की. साथ ही उन्होंने अगामी गुरुवार तक परवेज़ मुशर्रफ़ से सेना प्रमुख का पद छोड़ने को कहा. बेनज़ीर का कहना था कि ये घोषणा आपातकाल के ख़िलाफ़ विपक्ष के आंदोलन को कमज़ोर करने के लिए की गई है. इसके पहले राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक के बाद राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने 15 फ़रवरी से पहले चुनाव कराने की घोषणा की. परवेज़ मुशर्रफ़ ने पीटीवी से कहा, " ये मेरा वादा था और मैं इसे पूरा करने जा रहा हूँ." मुशर्रफ़ की इस घोषणा से ठीक पहले अमरीकी राष्ट्रपति बुश ने इमरजेंसी लगने के बाद उनसे पहली बार फ़ोन पर बात की थी. बुश ने कहा था कि वे जल्द से जल्द चुनाव करवाएँ और सेनाध्यक्ष का पद छोड़ दें. पीटीवी ने बताया है कि परवेज़ मुशर्रफ़ ने राष्ट्रपति के रूप में अपने दूसरे कार्यकाल की शुरूआत से पहले वर्दी उतार देने का अपना वादा दोहराया है लेकिन इसके लिए उन्होंने कोई तारीख़ या समयसीमा नहीं तय की है. |
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