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'मुशर्रफ़ से मिलने का कोई इरादा नहीं' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री और विपक्षी नेता बेनज़ीर भुट्टो इस्लामाबाद पहुँच गई हैं. लेकिन चलने से पहले कराची में उन्होंने पत्रकारों से कहा कि उनका राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ से मिलने का काई इरादा नहीं है. उधर, पाकिस्तान में पद से हटाए गए सुप्रीम कोर्ट के चीफ़ जस्टिस ने इमरजेंसी के बाद पहली बार जनता से इमरजेंसी के ख़िलाफ़ 'उठ खड़े होने' की अपील की है. पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट के पूर्व चीफ़ जस्टिस इफ़्तेख़ार चौधरी अपने घर पर नज़रबंद हैं, उन्होंने टेलीफ़ोन पर वकीलों को संबोधित किया है, उन्होंने अपने भाषण में इमरजेंसी लगाने के लिए परवेज़ मुशर्रफ़ की आलोचना की है. इफ़्तेख़ार चौधरी ने कहा कि पाकिस्तान में जनरल मुशर्रफ़ ने "संविधान के टुकड़े-टुकड़े कर दिए हैं," उन्होंने कहा कि "यह देश के लिए कुरबानी देने का वक़्त है." इमरजेंसी लगाए जाने के बाद जस्टिस इफ़्तेख़ार चौधरी को उनके पद से हटा दिया गया, इससे पहले भी मार्च महीने में राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने उन्हें अनियमितता के आरोपों के तहत पद से हटा दिया था लेकिन क़ानूनी लड़ाई लड़कर चौधरी जुलाई में दोबारा पद पर आ गए. चौधरी ने कहा, "अभी मैं नज़रबंद हूँ लेकिन आपकी लड़ाई में ज़रूर आपके साथ आऊँगा." पाकिस्तान की राजनीति पर नज़र रखने वालों का कहना है कि जनरल मुशर्रफ़ ने अपने दोबारा राष्ट्रपति चुने जाने के बारे में सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले को लेकर आशंकित थे इसलिए उन्होंने इमरजेंसी की घोषणा कर दी. सोमवार को परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा था कि उन्होंने बढ़ती चरमपंथी हिंसा और अदालत की दखलंदाज़ी को देखते हुए इमरजेंसी की घोषणा की. अंतरराष्ट्रीय अपील इससे पहले अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने जनरल मुशर्रफ़ से कहा है कि वे जल्द से जल्द इमरजेंसी समाप्त करके लोकतंत्र स्थापित करें.
सोमवार को अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलिज़ा राइस ने भी कहा था कि पाकिस्तान में समय पर संविधान के तहत चुनाव होने चाहिए. जॉर्ज बुश ने कहा कि राष्ट्रपति मुशर्रफ़ को सेनाध्यक्ष का पद छोड़कर जल्द से जल्द चुनाव कराना चाहिए. संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून ने पाकिस्तान की स्थिति पर गहरी चिंता प्रकट की है, उन्होंने अपील की है कि इमरजेंसी के बाद हिरासत में रखे गए सभी लोगों को जल्द से जल्द रिहा किया जाए. ब्रिटन और नीदरलैंड्स ने भी पाकिस्तान में जल्द लोकतंत्र बहाली की माँग की है जबकि यूरोपीय संघ का कहना है कि 'अगले क़दम' पर विचार कर रहा है. सेनाध्यक्ष का पद सोमवार को राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने इस बात के स्पष्ट संकेत दिए कि वे इतनी जल्दी सेना प्रमुख का पद नहीं छोड़ेंगे.
उन्होंने इस्लामाबाद में विदेशी राजनयिकों से कहा, "एक बार न्यायपालिका, कार्यपालिका और संसद को पटरी पर ले आया जाए तो मैं वर्दी छोड़ दूंगा." पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो ने कराची में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा है कि देश में जल्द से जल्द लोकतंत्र क़ायम होना चाहिए. उन्होंने कहा, "हम चाहते हैं कि चुनाव समय पर हो और सरकार हिंसा से बाज़ आए, सरकार का काम नागरिकों की रक्षा करना है." भुट्टो ने कहा, "हम चाहते हैं कि मुशर्रफ़ अपना वादा पूरा करें जो उन्होंने पाकिस्तान की जनता से किया है, वे सेनाध्यक्ष का पद छोड़ दें." संसदीय चुनाव पाकिस्तान में आज मंत्रिमंडल की एक बैठक हो रही है जिसमें संसदीय चुनाव के बारे में चर्चा हो रही है. सोमवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शौक़त अज़ीज़ ने कहा था कि चुनाव तय कार्यक्रम के अनुसार ही होंगे, लेकिन सूचना उप मंत्री तारिक़ अज़ीम ने कहा कि ऐसा कोई फ़ैसला अभी नहीं हुआ है. इससे पहले शौक़त अज़ीज़ ने कहा था कि इमरजेंसी के तहत संसदीय चुनाव को एक वर्ष तक के लिए टाला जा सकता है लेकिन इसके कुछ ही समय बाद घोषणा हुई थी कि 15 नवंबर तक नेशनल एसेंबली भंग कर दी जाएगी और जनवरी में चुनाव होंगे. वकीलों का प्रदर्शन पाकिस्तान में लाहौर, इस्लामाबाद, रावलपिंडी, मुल्तान, कराची, पेशावर, क्वेटा जैसे शहरों से इमरजेंसी के ख़िलाफ़ वकीलों के प्रदर्शन की ख़बरें मिल रही हैं.
पाकिस्तान के वकीलों ने तीन दिन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल की घोषणा की है, पाकिस्तान के लगभग सभी बड़े शहरों में बड़ी संख्या में वकीलों को हिरासत में लिया गया है. पाकिस्तान के वकीलों का कहना है कि उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा, उन्होंने अदालतों का बहिष्कार करने की घोषणा की है. पाकिस्तान में इमरजेंसी लगाए जाने के बाद से राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने सभी जजों से नई व्यवस्था के तहत शपथ लेने को कहा है, जिन जजों ने इससे इनकार किया है उन्हें उनके पदों से हटा दिया गया है जबकि कई जजों ने संविधान के तहत नहीं बल्कि प्रोविज़नल कॉन्सटीट्यूशनल ऑर्डर के तहत शपथ ली है. |
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