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सियाचिन में पर्यटन पाकिस्तान को नापसंद | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान ने सियाचिन क्षेत्र को एंडवेचर टूरिज़्म के लिए खोलने के भारत के प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया है. इस्लामाबाद में भारत के उप उच्चायुक्त को बुलाकर पाकिस्तान ने अपनी नाराज़गी का इज़हार किया. पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता तस्नीम असलम ने बीबीसी एक विशेष बातचीत में कहा कि "भारतीय उप उच्चायुक्त को हमने बताया है कि विवादित सियाचिन क्षेत्र को तथाकथित एडवेंचर टूरिज़्म के लिए खोलने का भारत का प्रस्ताव हमारे लिए गहरी चिंता का कारण है." उन्होंने कहा, "भारत ने सियाचिन पर ग़ैर-क़ानूनी तरीक़े से क़ब्ज़ा कर रखा है और यह मुद्दा दोनों पक्षों के बीच व्यापक शांति वार्ता के तहत विचाराधीन है. सियाचिन का फ़ैसला अभी दोनों देशों को करना है." तस्नीम असलम ने कहा, "सियाचिन विवाद को दूर करने की पाकिस्तान सरकार की ईमानदार कोशिशों का कोई हल नहीं निकल सका है क्योंकि भारत का रवैया बहुत ही अड़ियल है." उनका कहना है कि सियाचिन आज भी युद्धक्षेत्र यानी कॉन्फ़्लिक्ट ज़ोन है इसलिए वहाँ ऐसा कुछ करना शांति प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है और दोनों देशों के बीच कड़वाहट को बढ़ा सकता है. प्रस्ताव भारत के सेनाध्यक्ष जनरल जेजे सिंह ने बेलगाम में पत्रकारों से बातचीत में कहा था कि सियाचिन को एडवेंचर टूरिज़्म के लिए खोला जाएगा. उन्होंने मराठा लाइट इन्फेंट्री के एक कार्यक्रम में कहा था कि सियाचिन की प्राकृतिक सुंदरता देखने का अवसर आम लोगों को भी मिलना चाहिए इसलिए भारतीय सेना उसे खोलने का फ़ैसला किया है. पाकिस्तान के विरोध जताने के बाद भारत सरकार की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी तक नहीं आई है. | इससे जुड़ी ख़बरें सियाचिन छोड़ना नहीं चाहती सेना11 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस सियाचिन की ऊँचाइयों से30 मई, 2006 | भारत और पड़ोस सैनिकों के लिए भावनात्मक मुद्दा है सियाचिन30 मई, 2006 | भारत और पड़ोस घर और दुनिया से कटे होने का एहसास27 मई, 2006 | भारत और पड़ोस सैनिकों की जीवन रेखा की तरह है वायुसेना26 मई, 2006 | भारत और पड़ोस मुश्किलों की लंबी सूची है सियाचिन पर25 मई, 2006 | भारत और पड़ोस ऑक्सीजन की कमी से क्षमता पर असर24 मई, 2006 | भारत और पड़ोस पायलटों की कुशलता का इम्तेहान24 मई, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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