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परमाणु समझौते पर वार्ता अंतिम चरण में | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि अमरीका के साथ असैनिक परमाणु समझौते पर बातचीत अंतिम चरण में पहुँच गई है. भारत और अमीरका के बीच अभी वाशिंगटन में समझौते पर बातचीत चल रही है. इस बातचीत में भारत का नेतृत्व सुरक्षा सलाहकार एमके नारायणन कर रहे हैं जबकि अमरीकी दल का नेतृत्व विदेश उपमंत्री निकोलस बर्न्स कर रहे हैं. हालाँकि बातचीत का सिलसिला कब ख़त्म होगा, यह पूछे जाने पर प्रधानमंत्री का कहना था, "इस पर मैं कुछ नहीं कह सकता." बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लेने के बाद मनमोहन सिंह ने कहा, "हम बातचीत के अंतिम दौर में हैं." बातचीत उधर वाशिंगटन में अमरीकी अधिकारियों ने कहा है कि 1-2-3 समझौते को अंतिम रूप देने के लिए वे अपनी ओर से प्रयास करेंगे. अमरीकी विदेश विभाग के प्रवक्ता सीन मैक्रोमैक ने कहा कि उनका देश समझौते को अमली जामा पहनाने के लिए संरचनात्मक रुख़ अपनाएगा. 1-2-3 समझौते का उल्लेख अमरीकी परमाणु ऊर्जा क़ानून में है. इसमें किसी भी देश के साथ परमाणु करार की क्या शर्तें होंगी, इसका उल्लेख किया गया है. मौक्रोमैक ने भी स्वीकार किया कि खुले विचारों के साथ बातचीत हो रही है लेकिन कुछ लोग समयसीमा के बारे में सवाल पूछ रहे हैं. उनका कहना था कि मौजूदा दौर की बातचीत से इस सवाल का उत्तर मिल सकता है. |
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