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परमाणु जागरूकता का अनोखा तरीका | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान में उर्दू अख़बारों में तीस अप्रैल को एक दिलचस्प विज्ञापन प्रकाशित हुआ जिसमें कहा गया था कि कुछ रेडियोधर्मी सामग्री लापता या चोरी हो गई है और अगर वह किसी को नज़र आए तो उसके बारे में तुरंत प्रशासन को सूचित करें. विज्ञापन में यह भी कहा गया है कि ऐसे किसी भी रेडियोधर्मी पदार्थ के नज़र आने पर उसके पास न जाएँ क्योंकि यह बहुत ख़तरनाक साबित हो सकता है. लेकिन इस विज्ञापन से कई सवाल भी उठ खड़े हुए कि आख़िर यह सिर्फ़ उर्दू अख़बारों में ही क्यों छपवाया गया, अंग्रेज़ी अख़बारों में क्यों नहीं? क्या वाक़ई कोई परमाणु या रेडियोधर्मी पदार्थ लापता या चोरी हो गया या इस तरह की आशंका है? या फिर क्या ऐसी आशंका थी कि इस तरह की कोई परमाणु सामग्री आतंकवादियों के हाथों में तो नहीं पड़ गई. इन सवालों की पड़ताल करने से पहले आइए इस विज्ञापन पर नज़र डालें. उर्दू में प्रकाशित हुए इस विज्ञापन का मतलब इस तरह निकलता है. इस विज्ञापन में एक फ़ोटो छपा है जिसमें रेडियोधर्मी पदार्थ के ख़तरों से आगाह करने वाला चिन्ह नज़र आता है. इस फ़ोटो के साथ लिखा हुआ है -- "क्या आप इस चिन्ह को पहचानते हैं? यह रेडियोधर्मिता का निशान है. अगर आप किसी ऐसे ही निशान वाला बक्सा या पैकेट देखें या फिर उन पर बीक्यू, सीआई वग़ैरा या इसी तरह के अक्षर लिखे हों तो आप इस तरह के सामान को नज़रअंदाज़ नहीं करें. हो सकता है कि इसमें रेडियोधर्मी सामग्री भरी हो." "इस न तो छुएँ और न ही उठाने की कोशिश करें. इससे कम से कम दो मीटर की दूरी पर रहें और न ही किसी अन्य को इसके पास आने दें. तुरंत इस नंबर पर कॉल करें ताकि इस सामग्री को वहाँ से हटाया जा सके. नंबर - 0800-777 66 समय पर की गई आपकी कार्रवाई से आप और अन्य लोग रेडियोधर्मी पदार्थों के प्रभाव से सुरक्षित बच सकते हैं." विज्ञापन में फ़ैक्स नंबर और ईमल पता भी दिया गया है. इस विज्ञापन में आगे लिखा है - "रेडियोधर्मी पदार्थ चिकित्सा, उद्योग और कृषि क्षेत्रों में अनुसंधान में इस्तेमाल किए जाते हैं और अगर इस तरह के पदार्थ अपने ठिकानों से लापता हो जाएं या फिर चोरी हो जाएँ तो उनसे लोगों को काफ़ी नुक़सान हो पहुँच सकता है. हमारा संकल्प : रेडियोधर्मी पदार्थों के प्रभाव से सुरक्षित जीवन." विज्ञापन के अंत में पाकिस्तान परमाणु नियमक प्राधिकरण यानी पीएनआरए का लोगो और नाम छपा है और पता दिया गया है - पोस्ट बॉक्स 1912, इस्लामाबाद. वास्तविकता इस तरह के विज्ञापन देखने के बाद उत्सुकता जागना स्वभाविक है कि अगर वाक़ई कोई परमाणु सामग्री चोरी हुई है तो उसके क्या परिणाम हो सकते हैं.
इन्हीं सवालों के साथ बीबीसी ने पाकिस्तान में परमाणु मामलों की नियामक संस्था पीएनआरए से संपर्क किया तो इस संस्था के सूचना सेवाओं के निदेशक ज़हीर अय्यूब बेग ने इन तमाम आशंकाओं को ख़ारिज कर दिया कि कोई परमाणु सामग्री चोरी या लापता हुई है. ज़हीर अयूब बेग ने कहा कि लोगों को रेडियोधर्मिता के बारे में जागरूक बनाने के लिए एक बड़े अभियान के तहत इस तरह का विज्ञापन छपवाया गया है और इसकी शुरूआत सिर्फ़ उर्दू भाषा के अख़बारों से की गई है जो बाद में अन्य मीडिया तक फैलाया जाएगा. ज़हीर अय्यूब बेग ने पुष्टि करते हुए कहा, "कोई रेडियोधर्मी पदार्थ न तो चोरी हुआ है, न ही खोया है और न ही लापता है. इसलिए चिंता को कोई बात नहीं है. यह विज्ञापन हमारे जनजागरूकता अभियान का हिस्सा है." उन्होंने कहा कि लोगों को परमाणु सामग्री और रेडियोधर्मिता के बारे में जागरूक बनाने के लिए अनेक कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं जिनमें प्रशिक्षण दिया जाना भी शामिल है, ख़ासतौर से उन लोगों के लिए जो उद्योग क्षेत्रों में काम करते हैं. बेग ने कहा कि इसी तरह का जागरूकता अभियान एक्स रेज़ (किरणों) के बारे में भी चलाया जाएगा. | इससे जुड़ी ख़बरें 'परमाणु समझौते पर उल्लेखनीय प्रगति'02 मई, 2007 | भारत और पड़ोस परमाणु सौदे पर भारत के तेवर कड़े18 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस मुशर्रफ़ अलग-थलग नज़र आ रहे हैं...14 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान ने किया मिसाइल परीक्षण03 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस ईरान को परमाणु निर्यात पर पाबंदी22 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस भारत-पाक के बीच परमाणु समझौता21 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस भारत के परमाणु कार्यक्रम का सफ़र05 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस 'क़दीर ख़ान को नहीं सौंपेंगे'31 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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