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बांग्लादेश में भूस्खलन से 79 मरे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बांग्लादेश में अधिकारियों का कहना है कि भारी बारिश के कारण ज़मीन धंसने से चटगाँव में 79 से अधिक लोग मारे गए हैं. अधिकारियों का कहना है कि मरने वालों की संख्या कहीं और अधिक हो सकती है क्योंकि कुछ लोग अब भी मिट्टी के ढेर में दबे हो सकते हैं. भारी बारिश और सड़कों पर पानी जमा होने के कारण राहत और बचाव कार्य में भी बाधा आ रही है. बड़ी संख्या में घायल लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है जिनमें से कई लोगों की हालत गंभीर है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस इलाक़े में सिर्फ़ कुछ घंटों के ही भीतर 20 सेंटीमीटर से अधिक वर्षा हुई है. चटगाँव के मेयर ने बताया कि शहर के ज़्यादातर हिस्सों में एक मीटर से भी ज्यादा पानी जमा है जिससे बीमारियाँ फैलने का ख़तरा पैदा हो गया है. राहत और बचाव कार्य में मदद के लिए सेना और अग्निशमन बल को भी बुलाया गया है. अग्निशमन बल के प्रमुख रशीदुल इस्लाम ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया, "यह चटगाँव में अब तक का सबसे बड़ा भूस्खलन है. हज़ारों टन मिट्टी के नीचे ढेर सारे घर दब गए हैं, हम अभी तक सभी प्रभावित क्षेत्रों में नहीं पहुँच पाए हैं." उनका कहना है कि सभी लाशों को निकालने के काम में अभी 24 घंटे का समय और लग सकता है. ढाका के निवासियों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में ऐसा ख़राब मौसम उन्होंने पहले नहीं देखा. | इससे जुड़ी ख़बरें अब हो रही है पहाड़ की मरम्मत01 जनवरी, 2004 | भारत और पड़ोस जम्मू के पास भूस्खलन में 11 लोग मरे06 अगस्त, 2004 | भारत और पड़ोस भूस्खलन के कारण वैष्णोदेवी यात्रा रुकी19 फ़रवरी, 2005 | भारत और पड़ोस सोनिया गाँधी जम्मू-कश्मीर के दौरे पर23 फ़रवरी, 2005 | भारत और पड़ोस सरकार ने कश्मीर में राहत कार्य तेज़ किए24 फ़रवरी, 2005 | भारत और पड़ोस बाढ़ और ज़मीन धँसने से 32 की मौत03 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाल में भूस्खलन से सौ घर ढह गए28 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस भूस्खलन से 16 लोगों की मौत21 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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