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भूस्खलन के कारण वैष्णोदेवी यात्रा रुकी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय प्रशासित कश्मीर में हिमपात और चट्टानों के खिसकने के कारण हिंदुओं के प्रमुख तीर्थस्थान वैष्णव देवी मंदिर की यात्रा रोक दी गई है. पुलिस का कहना है कि लगातार होने वाली बारिश और हिमपात के कारण मनोकामना भवन के पास चट्टानें खिसक गईं हैं. कटरा से किसी भी तीर्थयात्री को वैष्णव देवी की यात्रा पर निकलने से रोक दिया गया है. कटरा से 11 किलोमीटर चढ़ाई के बाद वैष्णव देवी का मंदिर त्रिकुट की पहाड़ियों में स्थित है. हर साल क़रीब 60 लाख लोग वैष्णव देवी की यात्रा करते हैं. चट्टानों को रास्ते से हटाने की कोशिश की जा रही है लेकिन ख़राब मौसम के कारण इसमें बाधा आ रही है. श्रीनगर में भी मुश्किलें दूसरी ओर श्रीनगर में भी बर्फ़बारी के कारण आम जनजीवन पर असर पड़ा है. राजधानी श्रीनगर में यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई है और दूकानें बंद हैं.
कुछ इलाक़ों में बिजली की सप्लाई पर भी असर पड़ा है. अधिकारियों को चिंता है कि इससे पानी साफ़ करने वाले संयंत्रों का कामकाज भी प्रभावित हो सकता है. हिमपात के कारण श्रीनगर और जम्मू को जोड़ने वाले 300 किलोमीटर लंबे राजमार्ग को बंद करना पड़ा है. ख़बर है कि क़रीब चार हज़ार यात्री गुरुवार से ही इस रास्ते में फँसे हुए हैं. क़रीब ढाई किलोमीटर लंबे जवाहर सुरंग के पास 13 फ़ीट की ऊँचाई तक बर्फ की पट्टी बन गई है. अधिकारियों का कहना है कि सोमवार से पहले रास्ता नहीं खुल पाएगा. पिछले तीन दिनों से विमान सेवा भी बंद है. |
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