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पाकिस्तान में हिमपात से 100 की मौत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर और कुछ उत्तरी इलाक़ों में शनिवार को बर्फ़ानी तूफ़ान और चट्टानें गिरने से एक सौ से ज़्यादा लोगों के मारे जाने की आशंका है. अधिकारियों ने बताया है कि रात हो जाने की वजह से राहत और बचाव कार्य रोक देने पड़े. इलाक़े में हिमपात जारी रहने से राहत कार्यों में मुश्किलें आ रही हैं. पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर की राजधानी मुज़फ़्फ़राबाद से क़रीब 160 किलोमीटर दूर नीलम घाटी के गाँव मिताँवाली सहरी में बर्फ़ानी पत्थर गिरने 33 लोग ज़िंदा दब गए. चार लोग अपनी जान बचाने की कोशिश में ज़ख़्मी भी हो गए. पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के सूचना सचिव ख़ुर्शीद अहमद चौधरी के अनुसार मदद का काम शुरू कर दिया गया है जिसमें पुलिस, पाकिस्तानी फौज और स्थानीय लोग हिस्सा ले रहे हैं. उन्होंने आशंका व्यक्त की इस हादसे में दबे सारे लोगों की मौत हो गई लगती है. नीलम घाटी के कुछ अन्य इलाक़ों में भी बर्फ़ानी तूफ़ान से चट्टानें खिसकने की घटनाएँ हुईं जिनमें आठ लोगों की मौत हो गई जिनमें चार बच्चे थे. राजधानी मुज़फ़्फ़राबाद के दक्षिण में लीपा के एक गाँव में बर्फ़ानी चट्टानें एक घर पर गिरीं जिससे उस परिवार के छह लोग दब गए. पुलिस का कहना है कि स्थानीय लोगों ने एक बच्चे को बचा लिया है, बाक़ी पाँच लोगों की लाशें बरामद की गईं. गिलगित पुलिस की तरफ़ से दी गई जानकारी के मुताबिक़ अस्तूर घाटी के चोरच गाँव में छह लोग बर्फ़ानी चट्टानों की चपेट में आ गए और उनकी मौत हो गई जबकि दो लोग लापता हैं. इनके अलावा पश्चिमोत्तर सीमा प्रांत के कुछ उत्तरी इलाक़ों में बर्फ़ानी चट्टानों की चपेट में आकर 18 लोगों की मौत हो गई. कुछ लोग लापता भी हैं. उधर अफ़ग़ानिस्तान से मिलने वाले कुछ क़बायली इलाक़े ख़ैबर एजेंसी में शुक्रवार को भारी हिमपात होने से लापता हुए 44 सुरक्षाकर्मियों में से बीस को बचा लिया गया है और बाक़ी की तलाश चल रही है. |
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