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सरकार ने कश्मीर में राहत कार्य तेज़ किए | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
केंद्र सरकार ने बर्फ़बारी से जम्मू- कश्मीर में राहत कार्यों के लिए 50 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं. यह राशि गृह मंत्री शिवराज पाटिल ने आपदा राहत कोष से घोषित की. साथ ही केंद्र सरकार ने सुरक्षा व्यय से संबंधित 74 करोड़ रुपए की राशि राहत कार्यों में इस्तेमाल करने को कहा है. इसके पहले बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी और रक्षा मंत्री प्रणव मुखर्जी ने जम्मू कश्मीर का दौरा किया. दोनों नेताओं ने कश्मीर का हवाई मुआयना किया. अधिकारियों ने रक्षा मंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष को राज्य में बर्फ़बारी और भूस्खलन से हुए नुक़सान का ब्यौरा दिया और राहत कार्यों की जानकारी दी. रक्षा मंत्री प्रणब मुखर्जी ने राहत कार्यों के लिए केंद्र की पूरी सहायता का आश्वसन दिया. बीबीसी संवाददाता अल्ताफ़ हुसैन का कहना है कि आधिकारिक रूप से बर्फ़बारी से अब तक 239 लोगों की मौत हुई है. प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि मुख्य सड़कों से बर्फ़ के हटने में तीन सप्ताह तक का समय लग सकता है. अधिकारियों ने जानकारी दी कि अब भी कई गांवों से संपर्क कटा हुआ है और सेना हेलिकॉप्टरों की मदद से वहां खाद्य सामग्री पहुंचाने का प्रयास कर रही है. कश्मीर घाटी का संपर्क बाक़ी देश से कट जाने के कारण बाक़ी आवश्यक वस्तुओं और खाने के सामान की भारी किल्लत हो गई है. राज्य के कई हिस्सों में बिजली की सप्लाई बहाल हो गई है. लेकिन सबसे बुरी तरह प्रभावित अनंतनाग ज़िले में पानी और बिजली की आपूर्ति अभी शुरू नहीं हो सकी है. |
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