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श्रीनगरः बर्फ़बारी रूकी, मगर लोग बदहाल | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
शनिवार को आए बर्फ़ीले तूफ़ान के कारण भारत प्रशासित कश्मीर का संपर्क लगातार पाँचवें दिन देश के दूसरे हिस्सों से कटा हुआ है. नई रिपोर्टों के अनुसार मरनेवालों की संख्या बढ़कर 50 से अधिक हो गई है. 70 लोग अभी लापता बताए जा रहे हैं. हालाँकि अपुष्ट ख़बरों के अनुसार मरनेवालों की संख्या काफ़ी ऊपर जा सकती है. पुलिस का कहना है कि राहत दल कुंड क्षेत्र में विल्टेनगर नाम के गाँव की ओर जा रही है जहाँ हालत गंभीर हो सकती है. इस गाँव के बगल के एक गाँव से एक नागरिक ने बीबीसी को बताया कि स्थानीय लोगों ने वहाँ लगभग 140 लोगों के शव बरामद किए हैं और 90 लोगों को बचाया है. इस नागरिक ने बताया कि गाँव में लगभग 150 मक़ान थे जिसमें तीन को छोड़ बाक़ी सारे बर्फ़ में दब गए हैं. वैसे श्रीनगर में बर्फ़बारी रूक गई है और सोमवार को शहर में धूप भी निकली जिसके बाद सड़कों पर भीड़ लग गई. लेकिन आम लोग प्रशासन के काम-काज से असंतुष्ट हैं और उन्होंने आरोप लगाए हैं कि प्रशासन सड़कों से बर्फ़ हटाने में नाकाम रहा. लोग फँसे
मगर कश्मीर घाटी को शेष भारत से जोड़नेवाली 300 किलोमीटर लंबी एकमात्र सड़क श्रीनगर-जम्मू राजमार्ग सोमवार को लगातार पाँचवें दिन बंद रही. अभी 4000 से भी अधिक लोग इस राजमार्ग पर बीच रास्ते में फँसे हुए हैं. लगभग 300 लोग जवाहर सुरंग में फँसे हैं जिनमें आम लोग भी हैं और अर्धसैनिक बल के जवान भी. सुरंग के पास 13 फ़ीट की ऊँचाई तक बर्फ की पट्टी बन गई है. जवाहर सुरंग में फँसे एक पत्रकार ने बीबीसी को बताया कि वहाँ लोगों के पास खाने-पीने के सामानों की कमी हो रही है. उन्होंने बताया कि विशेषज्ञों ने बताया है कि अभी वहाँ और बर्फ़बारी हो सकती है जिसके कारण अगले कुछ दिनों भी रास्ते के खुलने की सँभावना कम ही है. पिछले गुरूवार से श्रीनगर से विमान सेवाएँ भी स्थगित हैं. किल्लत शहर में बिजली नहीं है और पानी की आपूर्ति पर भी असर पड़ा है. अधिकारियों को चिंता है कि यदि बिजली की आपूर्ति शुरु नहीं हुई तो पीने का पानी लोगों तक पहुँचाना मुश्किल हो जाएगा. श्रीनगर से बीबीसी संवाददाता अल्ताफ़ हुसैन ने सैन्य प्रवक्ता के हवाले से कहा है कि सेना के विमान सब्ज़ियाँ, दूध और अन्य ज़रूरी चीज़ें कश्मीर पहुँचाने की कोशिश कर रहे हैं. सेना ने पहले ही क़रीब 65 हज़ार लीटर मिट्टी का तेल घाटी में पहुँचाया है और सेना सहायता कार्यों में भी मदद कर रही है. कश्मीर में सालों बाद इतना हिमपात हुआ जिससे जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है. राज्य में कहीं कहीं तो तीन-तीन मीटर बर्फ़ जमा होने की ख़बरें है. उधर जम्मू में भूस्खलन के बाद वैष्णो देवी की यात्रा को भी शनिवार को रोकना पड़ा था लेकिन अब यात्रा बहाल कर दी गई है. |
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