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धमाकों के विरोध में आज गोरखपुर बंद | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर शहर में मंगलवार को हुए सिलसिलेवार धमाकों के विरोध में बुधवार को गोरखपुर बंद का आहवान किया गया है. बंद का असर गोरखपुर में कई जगहों पर देखने को मिल रहा है और इसके कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त है. कई सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है और कई व्यापारियों ने अपनी दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रखे हैं. बंद का आहवान गोरखपुर के उद्योग-व्यापार प्रतिनिधिमंडल की ओर से किया गया है. इसे कई हिंदूवादी संगठनों का समर्थन भी मिल रहा है. गोरखपुर में मंगलवार की रात लगभग सात बजे एक के बाद एक तीन बम धमाके हुए थे. ये तीनों विस्फोट गोलघर इलाक़े के आसपास हुए थे जिनमें कम से कम छह लोग घायल हो गए थे. इस बीच बुधवार को उत्तर प्रदेश के पुलिस प्रमुख जीएल शर्मा और राज्य के प्रमुख सचिव (गृह) चंद्रमौली ने गोरखपुर का दौरा करके स्थिति का जायज़ा लिया. दौरे के बाद प्रतिक्रिया देते हुए इन अधिकारियों ने कहा कि गोरखपुर में हुए बम विस्फोट राज्य सरकार की छवि को ख़राब करने और अमन को प्रभावित करने की एक कोशिश है. उन्होंने कहा कि इन धमाकों को चरमपंथी कार्रवाई कहना जल्दबाज़ी होगा और इसके लिए जाँच रिपोर्ट आने की इंतज़ार किया जाना चाहिए. सुरक्षा तेज़ गोरखपुर शहर में मंगलवार की रात हुए सिलसिलेवार धमाकों के बाद वहाँ चौकसी बढ़ा दी गई है. दूसरी ओर केंद्र सरकार भी गोरखपुर की स्थिति पर नज़र रखे हुए है. इस बीच केंद्रीय गृह सचिव ने उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को सतर्कता बरतने की सलाह दी है ताकि बम धमाकों के बाद कोई अप्रिय घटना न घटे.
दूसरी ओर गोरखपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) राजेश कुमार राय ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि गोरखपुर को अतिरिक्त पुलिस बल की दो कंपनियाँ उपलब्ध कराईं गईं हैं. साथ ही उनका कहना था कि आसपास के सभी इलाक़ों में अतिरिक्त चौकसी बरती जा रही है. विस्फोट पहला विस्फोट जलकल भवन के पास सात बजकर पाँच मिनट पर हुआ. इसके दस मिनट बाद ही दूसरा विस्फोट 150 मीटर दूर बल्देव शॉपिंग प्लाज़ा के निकट हुआ. तीसरा विस्फोट इस शॉपिंग परिसर के कुछ दूर हुआ. सभी विस्फोट साइकिलों में रखे गए झोलों में हुए. पुलिस का कहना है कि धमाकों में देसी बमों का इस्तेमाल किया गया. गोलघर गोरखपुर का सबसे व्यस्त इलाक़ा है और यहाँ के आसपास के बाजारों में काफ़ी भीड़ होती है. ख़ास बात ये है कि एक बम धमाका पेट्रोल पंप के पास और एक विस्फोट बिजली के ट्रांसफॉर्मर के पास हुआ. अधिकारियों का कहना है कि अगर पेट्रोल पंप और टांसफॉर्मर इसकी चपेट में आ जाते तो बड़ा हादसा हो सकता था. | इससे जुड़ी ख़बरें गोरखपुर में तीन बम धमाके, छह घायल22 मई, 2007 | भारत और पड़ोस 'हैदराबाद धमाकों के पीछे विदेशी हाथ'20 मई, 2007 | भारत और पड़ोस वाराणसी बम धमाकों में 15 की मौत07 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस नासिक में विस्फोट, कई हताहत05 मई, 2007 | भारत और पड़ोस असम धमाका: एक की मौत, 12 घायल08 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस 'समझौता' पर हमले की दुनिया भर में निंदा20 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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