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मायावती नेता चुनी गईं, दावा पेश करेंगी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बसपा के नवनिर्वाचित विधायकों ने मायावती को अपना नेता चुन लिया है. वो आज शाम राज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश करेंगी. उत्तर प्रदेश की 14वीं विधानसभा का कार्यकाल 13 मई की रात को ख़त्म हो रहा है, इसलिए प्रेक्षकों का अनुमान है नई सरकार का गठन रविवार तक हो जाएगा. इससे पहले मायावती के निर्देश पर बसपा के लगभग सभी नवनिर्वाचित विधायक लखनऊ पहुँच गए. चुनावी नतीजों से स्पष्ट है कि दलित-ब्राह्मण गठजोड़ की मायावती की रणनीति कारगर साबित हुई और संभावना है कि नए मंत्रिमंडल में अगड़ी जातियों को अच्छा प्रतिनिधित्व मिलेगा. उत्तर प्रदेश विधानसभा में 403 सीटें हैं लेकिन एक सीट पर चुनाव नहीं हुआ था. बाकी 402 सीटों में से लगभग सभी सीटों के परिणाम घोषित हो चुके हैं और इनमें से बसपा 205 सीटें जीत चुकी है. पिछले चुनाव में पार्टी को 99 सीटें मिली थीं. उधर मुख्यमंत्री मुलायम सिंह ने राज्यपाल टीवी राजेश्वर को अपना इस्तीफ़ा सौंप दिया है जिसे राज्यपाल ने स्वीकार भी कर लिया है. विचारधारा की जीत बसपा नेता मायावती ने शुक्रवार को पत्रकार सम्मेलन में पार्टी की सफलता को बसपा की विचारधारा की जीत बताया. हालांकि मायावती ने चुनाव नहीं लड़ा था लेकिन उनके ये कहने से कि 'जब मुझे शपथ ग्रहण करने के लिए बुलाया जाएगा तो मीडिया को सूचित किया जाएगा' से स्पष्ट है कि मुख्यमंत्री मायावती ही होंगी. उनका कहना था, "उत्तर प्रदेश की आम जनता ने साबित किया है कि उस लोकतंत्र में गहरा विश्वास है. पिछले 14 वर्षों में पहली बार किसी एक पार्टी ने पूर्ण बहुमत के आधार पर सरकार नहीं बनाई है. जनता ने जाति और धर्म से ऊपर उठकर मतदान किया है." उन्होंने दलितों और पिछड़ों के साथ-साथ अगड़ी जातियों के सदस्यों और मुस्लिम समुदाय के सदस्यों का भी धन्यवाद किया. मायावती का कहना था कि उत्तर प्रदेश को भयमुक्त और अपराधमुक्त बनाया जाएगा और लोकतांत्रिक शासन प्रदान किया जाएगा. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के ख़िलाफ़ जो शिकायतें आएँगे उनकी जाँच होगी लेकिन ये किसी तरह की दुश्मनी की भावना से नही होगा. उधर मुलायम सिंह का कहना था, "ये लोकतंत्र के लिए बहुत अशुभ है. चुनाव आयोग ने मनमानी की है और अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर सरकार चलाई है. सभी दलों को इस पर विचार करना चाहिए." अब तक घोषित परिणामों में बहुजन समाज पार्टी को 205 सीटों पर जीत मिली है, समाजवादी पार्टी को 99 सीटें मिली हैं, भाजपा 51 सीटों पर विजयी रही है और कांग्रेस के खाते में 21 और अन्य दलों को 25 सीटें मिली हैं. |
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