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अफ़ग़ान पुलिस की क्षमता पर उठे सवाल | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी विदेश मंत्रालय और पेंटागन की रिपोर्ट के मुताबिक अफ़ग़ानिस्तान पुलिस क़ानून और व्यवस्था बनाए रखने में सक्षम नहीं है. इसके लिए भ्रष्टाचार, अशिक्षा, कम वेतन, ख़राब उपकरण, चरमपंथी हिंसा और एक अरब डॉलर की लगात से शुरू किए गए प्रशिक्षण कार्यक्रम की विफ़लता को ज़िम्मेदार ठहराया गया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि अफ़ग़ानिस्तान को लंबी अवधि के लिए सहायता और सालाना 60 करोड़ डॉलर दिए जाने की ज़रूरत है. अफ़ग़ानिस्तान सरकार का कहना है कि उसने इस रिपोर्ट का अध्ययन नहीं किया है. पुलिस सुधार अमरीकी अख़बार न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक यह रिपोर्ट अमरीकी कांग्रेस की समिति को सौंप दी गई है. समाचार एजेंसी एपी के मुताबिक अमरीकी विदेश मंत्रालय और पेंटागन के प्रवक्ता ने ने इस रिपोर्ट के बारे में कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. काबुल स्थित बीबीसी संवाददाता मार्क डमेट का कहना है कि आम लोगों में पुलिस के प्रति विश्वास लगातार कम हो रहा है. उनका कहना है कि अमरीका के लिए अफ़ग़ान पुलिस प्रणाली में सुधार करना मुख्य प्राथमिकता हो गई है. अफ़ग़ानिस्तान में तैनात एक वरिष्ठ अमरीकी सैनिक कमांडर का कहना है कि दस अच्छे पुलिसकर्मी 100 भ्रष्ट पुलिसकर्मियों से बेहतर हैं लेकिन दस भ्रष्ट पुलिस वाले एक तालेबान लड़ाके से ज़्यादा नुकसान पहुँचा सकते हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें 'अफ़ग़ानिस्तान में 70 तालेबान मारे गए'03 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस बुश ने नैटो सदस्यों को फटकार लगाई28 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 70 लाख अफ़ग़ान बच्चे शिक्षा से वंचित27 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस अफ़ग़ानिस्तान में आत्मघाती हमला26 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस क्वेटा में 28 'तालेबान' लड़ाके गिरफ़्तार21 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'मिशन पूरा होने तक डटे रहेंगे सैनिक'20 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस पश्चिमी अफ़ग़ानिस्तान में बाढ़, 50 की मौत19 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'अस्थिर अफ़ग़ानिस्तान क्षेत्र के लिए ख़तरा'18 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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