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70 लाख अफ़ग़ान बच्चे शिक्षा से वंचित | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अंतरराष्ट्रीय राहत संस्था ऑक्सफ़ैम का कहना है कि अफ़ग़ानिस्तान में 70 लाख बच्चे इसलिए स्कूल नहीं जा सकते क्योंकि वहाँ शिक्षा क्षेत्र का मूलभूत ढांचा और शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं. ये संख्या अफ़ग़ानिस्तान में बच्चों की कुल संख्या से लगभग आधी है. इस विषय पर अपना ताज़ा रिपोर्ट में ऑक्सफ़ैम ने माना है कि इस समय पहले से कहीं ज़्यादा संख्या में बच्चे स्कूल जा रहे हैं. लेकिन ऑक्सफ़ैम ने ये भी कहा है कि शिक्षा प्रदान करने की सामाजिक ज़रूरत पूरी नहीं हो पा रही और शिक्षा व्यवस्था चरमरा रही है. रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि देश के कुछ भागों में चरमपंथियों ने स्कूलों और अध्यापकों को भी निशाना बनाया है. इतना ही नहीं कई जगहों पर स्कूलों की इमारतों को जला दिया गया है और स्कूलों के कर्मचारियों को जान से हाथ धोना पड़ा है. राहत संस्था ऑक्सफ़ैम ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आहवान किया है कि वह अफ़ग़ानिस्तान में स्कूल बनाने के लिए 60 करोड़ डॉलर की मदद करे. वर्ष 2002 में तालेबान के सत्ता से बेदख़ल किए जाने के बाद कई साल में पहली बार लाखों अफ़ग़ान बच्चों ने स्कूलों में जाना शुरु किया था. तालेबान के शासनकाल के दौरान हज़ारों स्कूल बंद कर दिए गए थे और लाखों बच्चे औपचारिक स्कूली शिक्षा से वंचित हो गए थे. | इससे जुड़ी ख़बरें 'नैटो को तालेबान से निपटना होगा'18 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना 'अफ़ग़ानिस्तान को सहायता जारी रहेगी'01 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस 'अमरीका रणनीति पर पुनर्विचार करे'20 सितंबर, 2005 | भारत और पड़ोस लोकतंत्र का अफ़ग़ानिस्तानी मॉडल18 सितंबर, 2005 | भारत और पड़ोस इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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