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'अफ़ग़ानिस्तान में 70 तालेबान मारे गए' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़ग़ानिस्तान में तैनात उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन यानी नैटो सेनाओं का कहना है कि उन्होंने लगभग 70 तालेबान लड़ाकों को संघर्ष में मार दिया है. नैटो के एक प्रवक्ता का कहना था कि अफ़ग़ानिस्तान के दक्षिण प्रांत हेलमंद में जब डेनमार्क की सेनाएँ गश्त पर थीं, उस दौरान उन पर हमला किया गया. प्रवक्ता का कहना था कि इस संघर्ष में लड़ाकू हेलिकॉप्टरों की भी मदद ली गई. नैटो अधिकारियों का कहना है कि चार घंटे तक चले संघर्ष में 70 से 80 तालेबान समर्थक मारे गए हैं. अफ़ग़ानिस्तान से बीबीसी संवाददाता का कहना है कि हताहतों की संख्या के बारे में स्वतंत्र सूत्रों से पुष्टि करना संभव नहीं है. लेकिन तालेबान का इस इलाक़े में अब भी सक्रिय रहना चिंता की बात है. दूसरी ओर कंधार में एक सैनिक कारवाँ पर हुए एक आत्मघाती हमले में तीन अफ़ग़ानी नागरिक मारे गए और तीन ब्रितानी सैनिक घायल हो गए हैं. एक सप्ताह के अंदर नैटो सैनाओं पर यह चौथा आत्मघाती हमला है. इसके पहले नैटो सैन्यबलों ने कहा था कि उनका अपने एक हेलिकॉप्टर से संपर्क टूट गया है. उधर तालेबान के एक प्रवक्ता ने दावा किया कि उन्होंने हेलिकॉप्टर को मार गिराया है. हिंसा में बढ़ोत्तरी पिछले कुछ महीनों में दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान में तैनात नैटो सैनिकों को तालेबान लड़ाकों से कड़ी चुनौती मिल रही है और हिंसा में भी काफ़ी बढ़ोत्तरी हुई है. इस वर्ष अलग अलग हिंसक घटनाओं में लगभग चार हज़ार लोग मारे जा चुके हैं. हमलों में जिन देशों के सैनिक हताहत हुए हैं उनमें 90 फ़ीसदी सिर्फ़ चार देशों अमरीका, ब्रिटेन, कनाडा और नीदरलैंड के हैं. जर्मनी, फ्रांस, स्पेन और इटली के सैनिक विद्रोहियों से लड़ने के बज़ाए सुरक्षा व्यवस्था और पुनर्निमाण कार्यों में लगे हुए हैं. अफ़ग़ानिस्तान में सेना भेजने के बदले में इन देशों ने 'रेड कार्ड' प्राप्त किया था. इससे उन्हें विशेष अभियानों में अपने सैनिक भेजने या न भेजने की छूट मिली हुई है. लेकिन हाल में अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने इसकी आलोचना की थी और कहा था कि नैटो देशों को मुश्किल अभियानों पर भी जाना चाहिए. | इससे जुड़ी ख़बरें बुश ने नैटो सदस्यों को फटकार लगाई28 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस अफ़ग़ानिस्तान में आत्मघाती हमला26 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'मिशन पूरा होने तक डटे रहेंगे सैनिक'20 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'अस्थिर अफ़ग़ानिस्तान क्षेत्र के लिए ख़तरा'18 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'अफ़ग़ानिस्तान में हिंसा बढ़ती ही जाएगी'16 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'आम लोगों की मौत की ख़बरें विश्वसनीय'26 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'अफ़ग़ानिस्तान में चार गुना ज़्यादा मौतें'12 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस नैटो कमांडर की मुशर्रफ़ से मुलाक़ात10 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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