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'अफ़ग़ानिस्तान में हिंसा बढ़ती ही जाएगी' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
एक वरिष्ठ अमरीकी रक्षा अधिकारी ने चेतावनी दी है अफ़ग़ानिस्तान में हिंसा बढ़ती ही जाएगी. अमरीकी रक्षा गुप्तचर एजेंसी के जनरल माइकल मेपल्स ने एक अमरीकी संसदीय समिति की सुनवाई में कहा है कि बड़ी संख्या में मारे जाने के बावजूद विद्रोहियों ने आपना आधार, कार्यक्षेत्र और क्षमता बढ़ाई है. महत्वपूर्ण है कि हाल में एक रिपोर्ट में कहा गया था कि अफ़ग़ानिस्तान में इस साल मरनेवालों की संख्या में चार गुना वृद्धि हुई है और इस साल 3700 लोग मारे गए हैं जिसमें लगभग एक हज़ार आम नागरिक शामिल हैं. ये रिपोर्ट संयुक्त समन्वय और पर्यवेक्षक बोर्ड ने किया जिसमें अफ़ग़ानिस्तान की सरकार, समर्थक विदेशी सरकारों और संयुक्त राष्ट्र के प्रतिनिधि शामिल थे. उधर अमरीकी जनरल मेपल्स ने कहा है कि विद्रोहियों ने पश्तून समुदायों में अपना प्रभाव बढ़ाया है. उनका कहना था, "इस साल वर्ष 2005 के मुकाबले में हिंसा दोगुना ज़्यादा हो सकती है. इस साल विद्रोही अपनी उग्र और ख़तरनाक़ रणनीति जारी रखेंगे. दूसरी ओर अमरीकी गुप्तचर एजेंसी सीआईए के अध्यक्ष माइकल हेयडन ने उसी संसदीय समिति को बताया कि अफ़ग़ान सरकार को मदद की ज़रूरत है. उनका कहना था कि अफ़ग़ान सरकार के पास राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी तो नहीं लेकिन विद्रोहियों का सामना करने की क्षमता की कमी है. | इससे जुड़ी ख़बरें अफ़ग़ानिस्तान में धमाका, 14 लोगों की मौत27 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'आम लोगों की मौत की ख़बरें विश्वसनीय'26 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस नैटो के हमलों में 'कई नागरिक' मारे गए26 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस पचास तालेबान विद्रोही मारे गए25 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'ब्रिटेन ने मदद का वादा पूरा नहीं किया'23 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस अफ़ग़ानिस्तान में खाद्य संकट की आशंका22 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस नैटो कमांडर की मुशर्रफ़ से मुलाक़ात10 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस पूरा अफ़ग़ानिस्तान अब नैटो के हवाले05 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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