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बुश ने नैटो सदस्यों को फटकार लगाई | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने अफ़ग़ानिस्तान के ख़तरनाक इलाक़ों में सेना भेजने से परहेज करने पर नैटो के सदस्य देशों को फटकार लगाई है. लातविया में उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन यानी नैटो की बैठक शुरू होने से पहले बुश ने इस बात पर बल दिया कि अफ़ग़ानिस्तान में तैनात अंतरराष्ट्रीय सेना को ज़रूरी संसाधन मुहैया कराया जाना चाहिए. नैटो के कई सदस्य देशों ने इस तरह के प्रावधान बना रखे हैं जिनके तहत वे अपनी सेना को अफ़ग़ानिस्तान के ख़तरनाक इलाक़ों में नहीं भेजते हैं. ये ऐसे इलाक़े हैं जहाँ तालेबान लड़ाके अपनी ताकत बढ़ाने में लगे हुए हैं. नैटो की दो दिवसीय बैठक में अफ़ग़ानिस्तान का मुद्दा छाए रहने की संभावना है. अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने ही पाँच साल पहले अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान की सत्ता ख़त्म करने के अभियान की अगुआई की थी. बुश ने नैटो के पूर्व प्रमुख सैप डी हूप शेफ़र के उस बयान को दोहराया जिसमें उन्होंने कहा था कि अफ़ग़ानिस्तान अभियान को सफल बनाना संभव है. ख़तरे पिछले कुछ महीनों में दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान में तैनात नैटो सैनिकों को तालेबान लड़ाकों से कड़ी चुनौती मिल रही है. इस वर्ष अलग अलग हिंसक घटनाओं में लगभग चार हज़ार लोग मारे जा चुके हैं. नैटो पर हुए हमलों में जिन देशों के सैनिक हताहत हुए हैं उनमें 90 फ़ीसदी सिर्फ़ चार देशों अमरीका, ब्रिटेन, कनाडा और नीदरलैंड के हैं. जर्मनी, फ्रांस, स्पेन और इटली के सैनिक विद्रोहियों से लड़ने के बज़ाए सुरक्षा व्यवस्था और पुनर्निमाण कार्यों में लगे हुए हैं. अफ़ग़ानिस्तान में सेना भेजने के बदले में इन देशों ने 'रेड कार्ड' प्राप्त किया था. इससे उन्हें विशेष अभियानों में अपने सैनिक भेजने या न भेजने की छूट मिली हुई है. | इससे जुड़ी ख़बरें 70 लाख अफ़ग़ान बच्चे शिक्षा से वंचित27 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'मिशन पूरा होने तक डटे रहेंगे सैनिक'20 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'अस्थिर अफ़ग़ानिस्तान क्षेत्र के लिए ख़तरा'18 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'अफ़ग़ानिस्तान बनेगा व्यापारिक केंद्र'18 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'अफ़ग़ानिस्तान में हिंसा बढ़ती ही जाएगी'16 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'अहम अल-क़ायदा सदस्य पकड़ा गया'14 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'आम लोगों की मौत की ख़बरें विश्वसनीय'26 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस नैटो के हमलों में 'कई नागरिक' मारे गए26 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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