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'भारत-चीन संबंधों में स्वार्थ नहीं' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
चीन के राष्ट्रपति हू जिंताओ ने कहा है कि उनका देश भारत के साथ संबंधों में किसी तरह के स्वार्थी हित नहीं देख रहा है. हू जिंताओ ने भारत यात्रा के तीसरे दिन बुधवार को दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में यह बयान दिया है. हू जिंताओ का यह बयान भारत की उन चिंताओं को दूर करने के आश्वासन के रूप में देखा जा रहा है कि चीन अपनी आर्थिक और राजनीतिक वृद्धि को सीमित नहीं कर रहा है. उधर चीन के राष्ट्रपति जिंताओ ने कहा है कि एक शांतिपूर्ण और समृद्ध दक्षिण एशिया क्षेत्र पूरे विश्व के लिए हितकारी है. चीन और भारत दोनों ही उभरी ताक़तवाले देश हैं लेकिन पश्चिमी देशों के साथ व्यापार संबंधों के नज़रिए से देखा जाए तो चीन ज़्यादा ताक़तवर बैठता है. इसके अलावा चीन संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक स्थाई सदस्य दैश है और उसके आर्थिक विकास की दर भी काफ़ी तेज़ है. चीन ने भारत के आसपास के अनेक देशों में करोड़ों डॉलर का निवेश किया हुआ है और यह निवेश बर्मा, श्रीलंका और नेपाल में ज़्यादातर बंदरगाहों और सड़कों में हुआ है. लेकिन इनमें भारत को जो ज़्यादा चिंताजनक बात है वो ये कि चीन का पाकिस्तान में निवेश. हू जिंताओ गुरूवार को पाकिस्तान का भी दौरा शुरू कर रहे हैं जहाँ वह असैनिक परमाणु सहयोग समझौते पर भी विचार-विमर्श करने वाले हैं. संवाददाताओं का कहना है कि चूँकि भारत ने अमरीका के साथ इसी तरह की एक असैनिक परमाणु सहमति पर हस्ताक्षर किए हैं तो पाकिस्तान को चीन के परमाणु सहयोग दक्षिण एशिया क्षेत्र में शक्ति संतुलन के रूप में देखा जा रहा है. हालाँकि भारत और अमरीका के बीच परमाणु सहमति को अभी पूरी मंज़ूरी का इंतज़ार है. | इससे जुड़ी ख़बरें भारत और चीन आर्थिक सहयोग बढ़ाएँगे21 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस अफ़्रीका की सहायता राशि बढ़ाएगा चीन04 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना चीन के धनी लोगों की संपत्ति में वृद्धि03 नवंबर, 2006 | कारोबार चीन में घूसखोरों की शामत24 अक्तूबर, 2006 | कारोबार ‘असेम्बली लाइन’ का देश31 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना चीन में मौत की सज़ा का क़ानून कड़ा 31 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना हू जिंताओ के दौरे के ख़िलाफ़ प्रदर्शन20 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस जानी-पहचानी सी डगर23 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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