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हू जिंताओ के दौरे के ख़िलाफ़ प्रदर्शन | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
चीन के राष्ट्रपति हू जिंताओ की भारत यात्रा के विरोध में सैकड़ों लोगों ने राजधानी दिल्ली में प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि चीन ने तिब्बत पर अवैध तरीके से क़ब्ज़ा किया है. प्रदर्शन करने वालों में मुख्यत बौद्ध भिक्षु शामिल थे. इन लोगों ने चीन विरोधी नारे लगाए और इनके हाथों में दलाई लामा के पोस्टर थे. कई स्वंय सेवी संगठनों ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया. भारत में हज़ारों की संख्या में तिब्बत के लोग रहते हैं. तिब्बतन यूथ कांग्रेस नाम की संस्था के महासचिव त्सुल त्रिम ने बताया कि हू जिंताओ के जाने तक प्रदर्शनों का सिलसिला और भूख हड़ताल 23 नवंबर तक जारी रहेगी. उन्होंने कहा," हमें नहीं लगता कि तिब्बत के मुद्दे को सुलझाए बिना चीन और भारत में सीमा विवाद हल हो सकता है. करीब 550 मील तक भारत और तिब्बत के बीच सीमा है न कि भारत और चीन में. चीन को तिब्बती सीमा के बारे में बात नहीं करनी चाहिए क्योंकि हम स्वतंत्र देश हैं." दिल्ली के अलावा धर्मशाला में भी प्रदर्शन हो रहा है जहाँ ज़्यादातर तिब्बती लोग रहते हैं. चीन के राष्ट्रपति हू जिंताओ सोमवार से अपनी भारत यात्रा शुरु कर रहे हैं. दिल्ली में मान सिंह सड़क पर ताज पैलेस में हू जिंताओ कि ठहरने की व्यवस्था की गई है और वहाँ कड़ी सुरक्षा का बंदोबस्त है. इसके अलावा चीन के दूतावास और हैदराबाद हाउस में भी सुरक्षा के इंतज़ाम किए गए हैं. एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ चीन के राष्ट्रपति सोमवार शाम को दिल्ली पहुँचेंगे और बैठकों का दौर मंगलवार से शुरु होगा. | इससे जुड़ी ख़बरें चीन के राष्ट्रपति का भारत दौरा आज से 20 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस जिंताओ की यात्रा में अरुणाचल का मुद्दा14 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस अफ़्रीका की सहायता राशि बढ़ाएगा चीन04 नवंबर, 2006 | पहला पन्ना ‘असेम्बली लाइन’ का देश31 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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