BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
गुरुवार, 26 अक्तूबर, 2006 को 00:29 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
घरेलू हिंसा के ख़िलाफ़ क़ानून लागू
महिलाएँ
महिलाओँ को घरेलू हिंसा से बचाने के लिए ये क़ानून बनाया गया
भारत में गुरुवार से घरेलू हिंसा के ख़िलाफ़ क़ानून अमल में आ गया है जिसमें महिलाओं को दुर्व्यवहार से सुरक्षा प्रदान करने का प्रावधान है.

इसके तहत पत्नी या फिर बिना विवाह किसी पुरुष के साथ रह रही महिला मारपीट, यौन शोषण, आर्थिक शोषण या फिर अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल की परिस्थिति में कार्रवाई कर सकेगी.

इस क़ानून का उल्लंघन होने की स्थिति में जेल के साथ-साथ जुर्माना भी हो सकता है.

 ये क़ानून महिलाओं को घरेलू हिंसा से बचाएगा क्योंकि केवल भारत में ही लगभग 70 प्रतिशत महिलाएँ किसी न किसी रूप में इसकी शिकार हैं
रेणुका चौधरी, महिला और बाल विकास मंत्री

महिला और बाल विकास मंत्रालय ने इस बारे में अधिसूचना जारी कर दी है. इसी के साथ इस क़ानून को लागू करने के लिए ज़रूरी नियमों के बारे में भी अधिसूचना जारी कर दी गई है.

महिला के ख़िलाफ़ होने वाली हिंसा के मुक़दमे लड़ने वाली वकील रेखा अग्रवाल ने बीबीसी से बातचीत में कहा, "लोगों में आम धारणा है कि मामला अदालत में जाने के बाद महीनों लटका रहता है लेकिन अब नए क़ानून में मामला निबटाने की समय सीमा तय कर दी गई है."

उन्होंने बताया कि अब मामले का फ़ैसला मैजिस्ट्रेट को साठ दिन के भीतर करना होगा.

अब बात-बात पर महिलाओं पर अपना गुस्सा उतारने वाले पुरुष घरेलू हिंसा क़ानून के फंदे में फंस सकते हैं.

इतना ही नहीं, लड़का न पैदा होने के लिए महिला को ताने देना, उसकी मर्जी के बिना उससे शारीरिक संबंध बनाना या लड़की के न चाहने के बावजूद उसे शादी के लिए बाध्य करने वाले पुरुषों पर भी इस क़ानून के दायरे में आ जाएंगे.

इसके तहत दहेज की माँग की परिस्थिति में महिला या उसके रिश्तेदार भी कार्रवाई कर पाएँगे.

व्यापक प्रावधान

महिला और बाल विकास मंत्री रेणुका चौधरी का कहना है कि ये क़ानून महिलाओं को घरेलू हिंसा से बचाएगा क्योंकि केवल भारत में ही लगभग 70 प्रतिशत महिलाएँ किसी न किसी रूप में इसकी शिकार हैं.

महत्वपूर्ण है कि इस क़ानून के तहत मारपीट के अलावा यौन दुर्व्यवहार और अश्लील चित्रों, फ़िल्मों के देखने पर मजबूर करना या फिर गाली देना या अपमान करना शामिल हैं.

पत्नी को नौकरी छोड़ने पर मजबूर करना या फिर नौकरी करने से रोकना भी इस क़ानून के दायरे में आता है.

इसके अंतर्गत पत्नी को पति के मकान या फ़्लैट में रहने का हक़ होगा फिर ये मकान या फ़्लैट उनके नाम पर हो या नहीं.

किरण बेदीकिरण बेदी का सुझाव
अत्याचार रोकने के लिए महिलाओं को अपनी मानसिकता बदलनी होगी.
बहुत सी महिलाएँ बलात्कार की घटनाओं की रिपोर्ट ही नहीं करती हैंमहिलाएँ करेंगी सुनवाई
भारत में बलात्कार के मुक़दमों की सुनवाई सिर्फ़ महिला जज करेंगी...
बेटियों के अधिकार...
हिंदू परिवार में पैतृक संपत्ति में बेटी को भी समान हिस्सा देने पर कुछ प्रगति हुई है.
इससे जुड़ी ख़बरें
अधिकारों के बावजूद हिंसा की शिकार
08 मार्च, 2005 | भारत और पड़ोस
महिला आरक्षण पर यूपीए में ही मतभेद
22 अगस्त, 2005 | भारत और पड़ोस
महिलाएँ भी नाइट शिफ़्ट कर सकेंगी
29 मार्च, 2005 | भारत और पड़ोस
बेटियों को अधिकार देने पर प्रगति
17 अगस्त, 2005 | भारत और पड़ोस
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>