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जॉर्ज बुश ने मनमोहन सिंह से बात की | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत का कहना है कि अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को सोमवार की शाम टेलीफ़ोन किया और विभिन्न मुद्दों पर बातचीत की. दोनों नेताओं के बीच लगभग 10 मिनट तक बातचीत चली. भारतीय विदेश मंत्रालय का कहना है कि दोनों नेताओं ने परमाणु सहमति के अलावा उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षण, पाकिस्तान व अफ़ग़ानिस्तान और दोहा में डब्ल्यूटीओ वार्ता के संबंध में बातचीत की. ग़ौरतलब है कि भारत अमरीका परमाणु समझौता अब भी अमरीकी संसद में लटका पड़ा है. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जब पिछले साल जुलाई में अमरीका गए थे तब दोनों देशों के बीच परमाणु सहमति पर हस्ताक्षर किए गए थे. परमाणु अप्रसार संधि पर हस्ताक्षर न करनेवाले भारत के लिए यह एक महत्वपूर्ण समझौता माना जा रहा है. बदले में भारत ने अपने परमाणु क्षेत्र में असैनिक और सैनिक कार्यक्रमों को अलग करने का वादा किया है. अमरीकी संसद के निचले सदन यानी प्रतिनिधि सभा ने भारत के साथ परमाणु सहमति को मंज़ूरी दे दी है. लेकिन अभी सीनेट की मंज़ूरी बाकी है जिसके बाद यह सहमति भारत और अमरीका के बीच द्विपक्षीय समझौते में तब्दील हो जाएगी. भारत को शीत युद्ध के ज़माने में अमरीका का विरोधी समझा जाता था इसलिए अमरीका के कुछ राजनीतिज्ञों ने इस सहमति को लेकर चिंताएँ व्यक्त की हैं. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शनिवार को कहा था कि अमरीका ने भारत को आश्वासन दिया है कि वह इसे पारित करवाने का प्रयास करेगा. लेकिन ऐसी आशंका व्यक्त की जाने लगी है कि उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षण की छाया भारत अमरीकी परमाणु समझौते पर पड़ सकती है. | इससे जुड़ी ख़बरें भारत ने परीक्षण की आलोचना की09 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस अमरीका से हुई परमाणु सहमति भारत के हित में?22 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस 'नई शर्तें स्वीकार नहीं करेगा भारत'26 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस परमाणु समझौते का एक साल पूरा18 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस परमाणु समझौते पर बात आगे बढ़ी27 जून, 2006 | भारत और पड़ोस 'सामरिक कार्यक्रम पर कोई अंकुश नहीं'07 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस भारत-अमरीका में परमाणु सहमति02 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस ऑस्ट्रेलिया भारत पर प्रतिबंध जारी रखेगा13 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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