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शुक्रवार, 04 अगस्त, 2006 को 18:24 GMT तक के समाचार
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राजपरिवार के पास 1700 एकड़ ज़मीन
राजा ज्ञानेंद्र
लंबे जनआंदोलन के बाद राजा ज्ञानेंद्र ने संसद बहाल करके बहुदलीय सरकार को सत्ता सौंपी है
नेपाल सरकार ने पहली बार राजा ज्ञानेंद्र और राजपरिवार की ज़मीनों का ब्यौरा सार्वजनिक रुप से जारी किया है.

अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने अब तक जो विवरण एकत्रित किए हैं उसके अनुसार राजपरिवार के पास 17 सौ एकड़ ज़मीन का पता चला है.

उनका कहना है कि राजपरिवार की संपत्ति का ब्यौरा अभी एकत्रित किया जा रहा है.

तीन महीनों पहले नई सरकार की स्थापना के बाद से राजपरिवार की संपत्ति के विवरण एकत्रित किए जा रहे थे.

शुक्रवार को नेपाल के भू-सुधार और प्रबंधन मंत्री प्रभु नारायण चौधरी ने ये विवरण नेपाल की संसद की एक समिति के सामने प्रस्तुत किए.

जंगल भी शामिल

मंत्री ने बताया कि राजशाही परिवार की संपत्ति में राजधानी काठमाँडू के बाहरी हिस्से में स्थित एक हज़ार एकड़ में फैला नागार्जुन जंगल भी शामिल है.

उन्होंने बताया कि राजा की संपत्ति राजधानी में भी है और बाहर भी.

सरकार ने उन संपत्तियों का भी ब्यौरा भी जारी किया है जो रानी कोमल, दिवंगत राजा बीरेंद्र और राजपरिवार के अन्य लोगों के नाम से है.

आरंभिक रिपोर्ट से पता चलता है कि राजपरिवार के सदस्यों के पास उस सीमा से कहीं अधिक ज़मीनें है जो क़ानून के पास किसी नेपाली नागरिक के पास होनी चाहिए.

काठमांडू में रहने वाले किसी व्यक्ति के पास एक हेक्टेयर से कुछ ही अधिक ज़मीन हो सकती है.

संसदीय समिति ने मंत्रालय से कहा है कि वे इस संपत्ति का विस्तृत विवरण तैयार करके पेश करे.

इसकी शुरुआत दो महीने पहले हुई थी जब हाल ही में बहाल हुई संसद ने राजा की संपत्ति और उनकी आय को कर के दायरे में लाने का फ़ैसला किया.

संसद ने सर्वसम्मति से पारित एक प्रस्ताव में राजा के अधिकारों में बहुत सी कटौतियाँ भी कर दी थीं.

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