|
नेपाल में विजय रैलियों का दिन | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नेपाल में सरकार के समर्थक देश के विभिन्न हिस्सों में राजा ज्ञानेंद्र के अधिकारों में कटौती का जश्न मना रहे हैं. संसद को स्वतंत्र इकाई घोषित किए जाने की ख़ुशी मनाने के लिए सरकार ने शुक्रवार को सरकारी छुट्टी की घोषणा कर दी है. गुरुवार को नेपाल की संसद ने एक प्रस्ताव पारित कर राजा के अधिकारों में कटौती कर संसद को स्वतंत्र इकाई घोषित करने और नेपाल को हिंदू राष्ट्र की जगह धर्म निरपेक्ष देश बनान का फ़ैसला किया था. उल्लेखनीय है कि हाल ही में पूरे देश में ज़ोरदार आंदोलन के बाद राजा ने सात राजनीतिक दलों की सरकार को सत्ता सौंपते हुए संसद की बहाली की घोषणा की थी. इसके अलावा सेना का नियंत्रण राजा से छीनकर संसद को देने और सरकार का नाम बदलने जैसे मुद्दे भी इस प्रस्ताव में शामिल थे. इस सरकार का नेतृत्व कर रहे गिरिजा प्रसाद कोईराला ने गुरुवार को संसद में ये प्रस्ताव पेश किया था और संसद ने इसे सर्वसम्मति से पारित किया था. जश्न नेपाल के गृह मंत्रालय ने एक सार्वजनिक सूचना जारी की है जिसमें शुक्रवार को सभी सरकारी दफ़्तरों और विदेशों में नेपाल सरकार के कार्यालयों ने अवकाश की घोषणा की गई है.
गुरुवार को संसद में प्रस्ताव पारित होने के बाद ही विभिन्न शहरों में हज़ारों लोग सड़कों पर आकर ख़ुशी मनाने में लग गए थे. शुक्रवार को कई राजनीतिक दलों ने विजय जुलूस निकालने की घोषणा की है. ये रैलियाँ देश के विभिन्न हिस्सों में निकाली जा रही हैं. सरकार को अब नए संविधान के लिए संविधान सभा का गठन करना है और देश में शांति स्थापना के लिए माओवादी विद्रोहियों से चर्चा शुरु करनी है. पिछले एक दशक से विद्रोह कर रहे माओवादियों ने नई सरकार के गठन के बाद युद्ध विराम की घोषणा की है. वे देश में राजशाही की जगह कम्युनिस्ट गणतंत्र की स्थापना की माँग कर रहे हैं. एफ़एम खुला इस बीच नेपाल के सुप्रीम कोर्ट ने देश के एफ़एम रेडियो स्टेशनों को पूरे अधिकार देने की घोषणा की है. इन अधिकारों में सूचना के अधिकार सहित नेपाली संविधान के तहत मीडिया को दिए जाने वाले सारे अधिकार शामिल हैं. सुप्रीम कोर्ट के इस फ़ैसले का फ़ेडरेशन ऑफ़ नेपाली जर्नलिस्ट ने स्वागत किया है. उल्लेखनीय है कि राजा ज्ञानेंद्र ने देश के तीन दर्जन से अधिक एफ़एम स्टेशनों पर कई क़ानूनी प्रतिबंध लगा दिए थे. | इससे जुड़ी ख़बरें राजा के अधिकारों में कटौती का प्रस्ताव18 मई, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाल में सरकार के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन16 मई, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाल नरेश की शक्तियों पर लगेगा अंकुश14 मई, 2006 | भारत और पड़ोस नेपाल में 'शाही ज़्यादतियों' की जाँच10 मई, 2006 | भारत और पड़ोस आसान नहीं है नेपाल में लोकतंत्र की राह27 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस माओवादियों ने किया संघर्षविराम26 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस प्रधानमंत्री पद के लिए कोइराला चुने गए25 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस नरेश ने संसद बहाल करने की घोषणा की24 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||