|
मुंबई बाढ़ त्रासदी को हुआ एक साल | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत की वित्तीय राजधानी मुंबई में पिछले साल आई बाढ़ में मारे गए लोगों की याद में बुधवार को शहर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है. पूरे महाराष्ट्र राज्य में बाढ़ में मारे गए क़रीब 1100 लोगों की याद में मुंबई के लोगों से सफ़ेद पट्टियां पहनने का आग्रह किया गया है और इस अवसर पर छात्र मानव शृंखला भी बनाने वाले हैं. पिछले वर्ष 26 जुलाई को ही मुंबई में भीषण बारिश और बाढ़ आई थी जिसके बाद मची तबाही में कई जानें गईं. अनुमान के मुताबिक पूरे महाराष्ट्र में 1100 लोग बाढ़ में मरे और इसके बाद बीमारियों में ढाई सौ से अधिक जानें गईं. इन्हीं की याद में बुधवार को प्रार्थना सभाएं भी आयोजित की जाने वाली हैं. कहा जाता है कि बाढ़ के कारण डेढ़ अरब डॉलर से अधिक का नुकसान हुआ है लेकिन राहत और पुनर्वास में ककुछ लाख रुपए ही खर्च किए गए हैं. अधिकारियों का कहना है कि मुंबई के लोग अभी भी 11 जुलाई के बम धमाकों से उबरे नहीं हैं लेकिन कहीं न कहीं उनके दिलो दिमाग में पिछले साल की बाढ़ से मची तबाही भी ज़रुर है. बुधवार को 30 से अधिक क़ालेजों के छात्र और शिक्षक मिलकर मानव शृंखला बनाएंगे और मारे गए लोगों की याद में प्रार्थना करेंगे. 26 जुलाई को मुंबई में बारिश शुरु हुई और एक दिन में रिकार्ड 94 मिमी बारिश ने तबाही मचा कर रख दी. मुंबई के अलावा महाराष्ट्र के कई और इलाक़े भी बारिश से बुरी तरह प्रभावित हुए थे. कई दिनों तक राज्य में मानव शवों और जानवरों के अवशेष गंदे पानी में तैरते देखे जा सकते थे. क़रीब हज़ार गांव पूरी तरह नष्ट हो गए थे और यहां रहने वाले लोग बेघरबार. दर्ज़नों पुल और सैकड़ों सड़कें टूटीं. हालांकि अब इस आपदा को साल भर बीत चुका है लेकिन लोगों का कहना है कि राहत एवं पुनर्वास कार्य अभी भी ठीक से नहीं हुआ है और बहुत कुछ किया जाना बाकी है. | इससे जुड़ी ख़बरें महाराष्ट्र में बाढ़ से भारी नुक़सान30 जुलाई, 2005 | भारत और पड़ोस बारिश ने फिर बदहाल किया मुंबई को31 जुलाई, 2005 | भारत और पड़ोस महाराष्ट्र में दो करोड़ लोग प्रभावित01 अगस्त, 2005 | भारत और पड़ोस महाराष्ट्र में बुखार से 66 लोगों की मौत11 अगस्त, 2005 | भारत और पड़ोस मुंबई में बारिश जारी, राहत कार्य प्रभावित01 अगस्त, 2005 | भारत और पड़ोस महाराष्ट्र में लोगों को राहत का इंतज़ार04 अगस्त, 2005 | भारत और पड़ोस समय से पहले मॉनसून की दस्तक31 मई, 2006 | भारत और पड़ोस महाराष्ट्र सरकार बनाएगी सौ नए गाँव24 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||