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एलटीटीई के साथ आपात बैठक | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
श्रीलंका में युद्धविराम पर नज़र रख रहे अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों ने शुक्रवार को तमिल विद्रोहियों के साथ आपात बैठक की है. इस आपात बैठक से कुछ ही घंटे पहले तमिल विद्रोहियों ने श्रीलंका की नौसेना के एक जहाज़ी बेड़े पर आत्मघाती हमला कर उसे डुबा दिया था. इस बेड़े पर दो पर्यवेक्षक भी मौजूद थे. घटना में 17 नाविक अभी भी लापता बताए जाते हैं. पर्यवेक्षकों ने तमिल विद्रोहियों पर युद्धविराम का गंभीर उल्लंघन करने का आरोप लगाया जिसके बाद अब दोनों पक्षों की आपात बैठक हुई. बीबीसी के साथ बातचीत में पर्यवेक्षकों ने बताया कि वो कोशिश करेंगे की दोनों पक्ष यानी श्रीलंका सरकार और विद्रोही हिंसक कार्रवाईयों पर रोक लगाएं और वार्ताएं शुरू करें. नौसेना के जहाज़ी बेड़े पर आत्मघाती हमले के बाद सेना की जवाबी कार्रवाई में कई तमिल विद्रोहियों के मारे जाने की भी ख़बर है. ज़बर्दस्त हमला लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (एलटीटीई ) ने चेतावनी दी कि अंतरराष्ट्रीय शांति पर्यवेक्षक श्रीलंका के नौसैनिक बेड़ों पर यात्रा न करें. एलटीटीई का यह बयान ऐसे समय में आया जब गुरुवार को विद्रोहियों ने एक नौसैनिक जहाज़ को निशाना बनाया. नौसैनिक बेड़े पर विद्रोहियों के कम से कम दस नौकाओं ने आत्मघाती हमला किया. इस बेड़े पर दो अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षक भी मौजूद थे. घटना मे दस से बीस नौसैनिक लापता हैं.
सेना का कहना है कि बाद की जवाबी कार्रवाई में 30 तमिल विद्रोही मारे गए. पर्यवेक्षकों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और अब निगरानी मिशन के प्रमुख तमिल विद्रोहियों से आपात बैठक करने जा रहे. तमिल विद्रोहियों का कहना है कि श्रीलंका की नौसेना पर्यवेक्षकों की आड़ ले रही है. अपने बयान में विद्रोहियों ने चेतावनी दी है कि पर्यवेक्षक नौसेना की जहाज़ों में यात्रा न करें. विद्रोहियों का कहना है कि अगर पर्यवेक्षक इन जहाज़ों में यात्रा कर रहे हों तो आगे के परिणामों के लिए एलटीटीई को ज़िम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता. नौसेना के प्रवक्ता ने बताया कि उत्तरी तट के पास विद्रोहियों ने नौसेना की एक नौका को ड़ुबो दिया. हमले के बाद 15 से 20 नाविक लापता हैं. इसके बाद सेना के जवाबी हमले में 30 से अधिक विद्रोही मारे गए. उधर तमिल विद्रोहियों का कहना है कि उनके सिर्फ चार लोग मारे गए. उल्लंघन का आरोप यूरोप के शांति पर्यवेक्षकों ने तमिल विद्रोहियों पर 2002 के युद्धविराम का "गंभीर उल्लंघन" करने का आरोप लगाया. पिछले एक महीने में हुई हिंसा में अब तक 200 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं. नौसेना के प्रवक्ता डीकेपी दसनायके ने कहा " त्रिंकोमाली और जाफ़ना के बीच हमारी एक बड़ी नौका पर क़रीब 15 तमिल विद्रोहियों ने आत्मघाती हमला किया. " इस बड़ी नौका के साथ मौजूद सेना की छोटी नौकाओं ने विद्रोहियों की नौका को निशाना बनाया लेकिन एक नौका ने आत्मघाती विस्फ़ोट कर दिया. प्रवक्ता ने कहा कि विद्रोहियों के कम से कम पांच नाव नष्ट हुए हैं. श्रीलंका पर्यवेक्षण मिशन की प्रवक्ता हेलेन ओलफ्सडोटिर ने बीबीसी से कहा कि हिंसा में बढ़ोतरी चिंताजनक है. उनका कहना था कि इस हिंसा के बीच ऐसा लगता नहीं कि आप शांति पर्यवेक्षक हैं बल्कि लगता है कि आप युद्ध के पर्यवेक्षक हैं. ओलफ्सडोटिर ने तमिल विद्रोहियों पर नौसेना को भड़काने का भी आरोप लगाया. श्रीलंकाई सेना के जवाबी हमले में वायु सेना का इस्तेमाल हुआ और विद्रोहियों के मुख्यालय किलीनोच्चि पर भी हमला किया गया. | इससे जुड़ी ख़बरें जापानी दूत की विद्रोहियों से मुलाक़ात09 मई, 2006 | भारत और पड़ोस 'एलटीटीई से मतभेद सुलझाना चाहते हैं'09 मई, 2006 | भारत और पड़ोस प्रभाकरन से नहीं मिल पाएँगे अकाशि07 मई, 2006 | भारत और पड़ोस एलटीटीई की नौका को डुबोने का दावा05 मई, 2006 | भारत और पड़ोस 'नेपाल मुद्दे पर भारत बड़ी भूमिका निभाए'05 मई, 2006 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में बारुदी सुरंग विस्फोट, पांच मरे01 मई, 2006 | भारत और पड़ोस 'एलटीटीई विद्रोहियों ने विरोधियों को मारा'30 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस दोनों पक्षों से शांतिवार्ता की अपील28 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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