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दोनों पक्षों से शांतिवार्ता की अपील | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
श्रीलंका के मसले में नॉर्वे के मुख्य मध्यस्थ ने सरकार और तमिल विद्रोहियों दोनों से फिर शांतिवार्ता शुरु करने का अनुरोध किया है. अंतरराष्ट्रीय दानदाता देशों की नार्वे में आपात बैठक के बाद एरिक सोलहेम ये अपील जारी की है. इस बैठक में हाल की हिंसा की वजह से संघर्षविराम पर उत्पन्न ख़तरे पर चर्चा हुई. मध्यस्थ के रुप में एरिक सोलहेम ने कहा कि हालांकि पिछले दो हफ़्तों में क़रीब 100 लोग मारे गए हैं लेकिन फिर भी कहा जा सकता है कि अभी भी श्रीलंका युद्ध की स्थिति में नहीं पहुँचा है. उधर कोलंबो में एक आत्मघाती हमले के बाद पूर्वी भाग में हवाई हमले हुए हैं. नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में हुई बैठक के बाद दोनों पक्षों से अपील की है वे हिंसा को रोकें और जितनी जल्दी हो सके शांतिवार्ता में शामिल हों. इस बैठक में जापान, यूरोपीय संघ और अमरीका के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया. उम्मीद वैसे त्रिंकोमाली के तमिल विद्रोहियों के ठिकानों पर श्रीलंका सरकार के हवाई हमलों के बाद अब वहाँ शांति है और सहायता एजेंसियाँ लोगों की घर वापसी में मदद कर रही हैं. इधर श्रीलंकाई प्रशासन ने तमिल विद्रोहियों के कब्ज़े वाले क्षेत्र से लगी सीमाओं को दोबारा खोल दिया है. हालांकि त्रिंकोमाली में गुरुवार की रात कर्फ़्यू लगा दिया गया था. तमिल विद्रोहियों ने आरोप लगाया था कि सरकार की हवाई बमबारी से 'जनसंहार' हुआ है और हज़ारों लोग घर छोड़ कर भाग खड़े हुए हैं. लेकिन इस संख्या की पुष्टि नहीं हो पाई है. युद्धविराम पर्यवेक्षक इस क्षेत्र में पहुँचे गए हैं और इस बात की कोशिशें चल रही हैं कि श्रीलंका सरकार और तमिल विद्रोहियों को बातचीत के लिए राज़ी किया जा सके. बीबीसी संवाददाता ने त्रिंकामाली से ख़बर दी है कि ताज़ा प्रयासों से युद्धविराम जारी रहने की उम्मीद जगी है. हिंसा की ताज़ा घटनाओं से 2002 के युद्धविराम समझौता ख़तरे में पड़ गया था. सेना ने युद्धविराम समझौते के बाद पहली बार आधिकारिक रूप से तमिल विद्रोहियों के ख़िलाफ़ कोई सैनिक कार्रवाई की है. इसके पहले मंगलवार को सेना मुख्यालय पर हुए एक आत्मघाती हमले में सेना प्रमुख लेफ़्टिनेंट जनरल सरथ फ़ोनसेका गंभीर रूप से घायल हो गए थे. हमले में आठ अन्य लोगों की मौत हो गई थी. श्रीलंका सरकार ने इस हमले के लिए तमिल विद्रोहियों को ज़िम्मेदार ठहराया था. | इससे जुड़ी ख़बरें श्रीलंका संकट पर नोर्वे में चर्चा28 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस सीमाएँ खोली गईं, हवाई हमले रुके27 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस युद्धविराम को बचाने की कोशिशें तेज़27 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस हमले के बीच हज़ारों लोगों का पलायन26 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस तमिल विद्रोहियों के ठिकाने पर नए हमले26 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस 'विद्रोहियों के ठिकानों पर हमले का मतलब युद्ध नहीं'25 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस 'स्थिति नियंत्रण से बाहर हो सकती है...'25 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस श्रीलंका शांति वार्ता पर बादल मंडराए15 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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