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श्रीलंका संकट पर नोर्वे में चर्चा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
श्रीलंका के संकट पर अंतरराष्ट्रीय दानदाताओं की नार्वे में आपात बैठक हो रही है जिसमें हाल की हिंसा की वजह से संघर्षविराम पर उत्पन्न ख़तरे पर चर्चा होगी. पिछले दो सप्ताह की हिंसा में लगभग 100 लोग मारे गए हैं. त्रिंकोमाली के तमिल विद्रोहियों के ठिकानों पर श्रीलंका सरकार के हवाई हमलों के बाद अब वहाँ शांति है और सहायता एजेंसियाँ लोगों की घर वापसी में मदद कर रही हैं. इधर श्रीलंकाई प्रशासन ने तमिल विद्रोहियों के कब्ज़े वाले क्षेत्र से लगी सीमाओं को दोबारा खोल दिया है. हालांकि त्रिंकोमाली में गुरुवार की रात कर्फ़्यू लगा दिया गया था. तमिल विद्रोहियों ने आरोप लगाया था कि सरकार की हवाई बमबारी से 'जनसंहार' हुआ है और हज़ारों लोग घर छोड़ कर भाग खड़े हुए हैं. लेकिन इस संख्या की पुष्टि नहीं हो पाई है. युद्धविराम पर्यवेक्षक इस क्षेत्र में पहुँचे गए हैं और इस बात की कोशिशें चल रही हैं कि श्रीलंका सरकार और तमिल विद्रोहियों को बातचीत के लिए राज़ी किया जा सके. बीबीसी संवाददाता ने त्रिंकामाली से ख़बर दी है कि ताज़ा प्रयासों से युद्धविराम जारी रहने की उम्मीद जगी है. हिंसा की ताज़ा घटनाओं से 2002 के युद्धविराम समझौता ख़तरे में पड़ गया था. सेना ने युद्धविराम समझौते के बाद पहली बार आधिकारिक रूप से तमिल विद्रोहियों के ख़िलाफ़ कोई सैनिक कार्रवाई की है. इसके पहले मंगलवार को सेना मुख्यालय पर हुए एक आत्मघाती हमले में सेना प्रमुख लेफ़्टिनेंट जनरल सरथ फ़ोनसेका गंभीर रूप से घायल हो गए थे. हमले में आठ अन्य लोगों की मौत हो गई थी. श्रीलंका सरकार ने इस हमले के लिए तमिल विद्रोहियों को ज़िम्मेदार ठहराया था. | इससे जुड़ी ख़बरें सीमाएँ खोली गईं, हवाई हमले रुके27 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस युद्धविराम को बचाने की कोशिशें तेज़27 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस हमले के बीच हज़ारों लोगों का पलायन26 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस तमिल विद्रोहियों के ठिकाने पर नए हमले26 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस 'विद्रोहियों के ठिकानों पर हमले का मतलब युद्ध नहीं'25 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस 'स्थिति नियंत्रण से बाहर हो सकती है...'25 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस श्रीलंका शांति वार्ता पर बादल मंडराए15 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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