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युद्धविराम को बचाने की कोशिशें तेज़ | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
तमिल विद्रोहियों के ठिकानों पर दो दिनों की श्रीलंका सरकार की हवाई बमबारी के बाद युद्धविराम पर्यवेक्षक उत्तर-पूर्वी शहर त्रिंकोमाली पहुँच गए हैं. इसके पहले तमिल विद्रोहियों ने श्रीलंका सरकार पर उनके नियंत्रणवाले इलाक़ों में हवाई हमले कर 'जनसंहार' करने का आरोप लगाया है. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भी आलोचना की है कि उन्होंने इन हमलों की भर्त्सना नहीं की. इसके पहले ख़बरें आईं थीं कि श्रीलंका सरकार की हवाई बमबारी के कारण उत्तर पूर्व इलाक़े के हज़ारों लोग घर छोड़ कर भाग रहे हैं. ये इलाक़ा तमिल विद्रोहियों के नियंत्रणवाला है. स्थानीय अधिकारियों ने बीबीसी को बताया कि क़रीब 40 हज़ार लोग सुरक्षित ठिकानों की खोज में उत्तर में जंगलों का रुख़ कर रहे हैं. त्रिंकोमाली में तमिल विद्रोहियों के एक नेता ने कहा कि हवाई हमले शुरू होने के बाद से कम से कम 15 आम नागरिक मारे जा चुके हैं. सेना ने 2002 के युद्धविराम समझौते के बाद पहली बार आधिकारिक रूप से तमिल विद्रोहियों के ख़िलाफ़ कोई सैनिक कार्रवाई की है. इसके पहले मंगलवार को सेना मुख्यालय पर हुए एक आत्मघाती हमले में सेना प्रमुख लेफ़्टिनेंट जनरल सरथ फ़ोनसेका गंभीर रूप से घायल हो गए थे. हमले में आठ अन्य लोगों की मौत हो गई थी. इस हमले के बाद श्रीलंका सरकार ने तमिल विद्रोहियों के ठिकानों पर हवाई हमले शुरू किए थे. इधर श्रीलंका सरकार ने घोषणा की है कि यदि विद्रोही हमले करेंगे तो हवाई हमले जारी रहेंगे. श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे ने मंगलवार की रात टीवी पर घोषणा की थी कि सरकार तमिल विद्रोहियों के साथ युद्ध नहीं चाहती है लेकिन वह इन हमलों के आगे घुटने नहीं टेकेगी. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इन घटनाओं ने चार साल पहले हुए संघर्ष विराम पर सवाल खड़ा कर दिया है. इस बीच श्रीलंका की ताज़ा स्थिति पर विचार करने के लिए शुक्रवार को श्रीलंकाई शांति प्रक्रिया में शामिल पक्षों की नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में बैठक बुलाई गई है. | इससे जुड़ी ख़बरें हमले के बीच हज़ारों लोगों का पलायन26 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस तमिल विद्रोहियों के ठिकाने पर नए हमले26 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस 'विद्रोहियों के ठिकानों पर हमले का मतलब युद्ध नहीं'25 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस 'स्थिति नियंत्रण से बाहर हो सकती है...'25 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस श्रीलंका शांति वार्ता पर बादल मंडराए15 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस मध्यस्थ जाएँगे तमिल विद्रोहियों के पास10 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस बारूदी सुरंग धमाके में छह की मौत10 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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