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श्रीलंका में बारुदी सुरंग विस्फोट, पांच मरे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पूर्वोत्तर श्रीलंका में बारुदी सुरंग के एक विस्फोट में कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई है. इस विस्फोट की चपेट में नौसेना का एक गश्ती दल आया जिसमें चार तमिल नागरिक और एक नाविक की मौत हो गई. हमले में चार नौसैनिक समेत आठ लोग घायल हुए हैं. एक अन्य घटना में तमिल विद्रोहियों के साथ हुई मुठभेड़ में पांच नौसैनिक घायल भी हुए हैं. श्रीलंका में हिंसा की बढ़ती घटनाओं के बीच त्रिंकोमाली शहर के आवासीय इलाक़े में बारुदी सुरंग का विस्फोट हुआ. इसके निशाने पर थे नौसेना के अधिकारी. नौसेना ने इस हमले के लिए लिट्टे को ज़िम्मेदार ठहराया है. लिट्टे हमेशा से इस तरह के हमलों में अपना हाथ होने से इंकार करता रहा है लेकिन उनके दावों पर कम ही लोग भरोसा करते हैं. इससे पहले पिछले हफ्ते कोलंबो में एक आत्मघाती हमला हुआ था जिसमें श्रीलंका की सेना के वरिष्ठ अधिकारी घायल हो गए थे. इसके बाद सेना ने लिट्टे के ठिकानों पर हवाई हमले करने शुरु कर दिए थे. एक समय ऐसा लग रहा था कि दोनों पक्षों के बीच एक बार फिर युद्ध जैसी स्थिति बन गई है लेकिन नार्वे और भारत ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की थी. नार्वे के मध्यस्थों ने कहा था कि दोनों पक्ष फिर से बातचीत करने को तैयार हुए हैं लेकिन अभी तक बातचीत के आसार नज़र नहीं आ रहे हैं. दोनों पक्षों के बातचीत तो नहीं हो रही है लेकिन एक चीज जो अभी भी जारी है वो है हिंसा. | इससे जुड़ी ख़बरें श्रीलंका के राष्ट्रपति भारत पहुँचे27 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस 'एलटीटीई के साथ तत्काल वार्ता ज़रूरी'22 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में तनाव कम करने की कोशिश23 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस श्रीलंका सरकार और विद्रोहियों की वार्ता22 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस एलटीटीई पर जबरन वसूली का आरोप15 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में स्थानीय निकायों के चुनाव30 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस 'एलटीटीई विद्रोहियों ने विरोधियों को मारा'30 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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