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श्रीलंका में स्थानीय निकायों के चुनाव | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
श्रीलंका में छुटपुट हिंसक घटनाओं के बीच गुरुवार को स्थानीय निकायों के लिए मतदान हो रहा है. इन चुनावों में लगभग एक करोड़ 10 लाख लोग हिस्सा ले रहे हैं. माना जा रहा है कि इन चुनावों से श्रीलंका सरकार और तमिल विद्रोहियों के बीच शांति प्रक्रिया पर जनता के रुख़ का पता चलेगा. पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट स्वतंत्र रूप से इन चुनावों में उतरा है. हालांकि वह सत्तारूढ़ गठबंधन का हिस्सा है. उसने शांति प्रक्रिया से नोर्वे को मध्यस्थ के रूप में हटाने की बात कही है. चुनाव प्रचार के दौरान कुछेक हिंसा की घटनाएँ भी हुईं. इनके बाद चुनाव अधिकारियों और मतदाताओं के सुरक्षा को लेकर चिंताएं जताईं जा रही हैं. सुरक्षा कारणों से तमिल प्रभुत्ववाले उत्तरी और पूर्वी श्रीलंका में मतदान स्थगित कर दिया गया है. ग़ौरतलब है कि चार महीने पहले महिंदा राजपक्षे ने श्रीलंका का राष्ट्रपति पद संभाला है और उन्हें थोड़े अंतर से ही जीत हासिल हुई थी. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इन चुनावों से उनकी लोकप्रियता के ग्राफ़ का पता चलेगा. साथ ही ये चुनाव मुख्य विपक्षी दल यूनाइटेड नेशनल पार्टी के लिए भी महत्वपूर्ण हैं और इनसे उनकी लोकप्रियता का अंदाज़ा भी लग जाएगा. | इससे जुड़ी ख़बरें श्रीलंका में नौसैनिकों पर हमला06 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस 'हत्या, अपहरण का दौर ख़त्म करें'12 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस बारूदी सुरंग विस्फोट में नौ नाविक मरे12 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस अंतरराष्ट्रीय निरीक्षकों के दफ़्तर में धमाका14 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस 'एलटीटीई के साथ तत्काल वार्ता ज़रूरी'22 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में तनाव कम करने की कोशिश23 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस 'श्रीलंका सरकार-विद्रोही मिलने को राज़ी'25 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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