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'हत्या, अपहरण का दौर ख़त्म करें' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मानवाधिकार संस्था एमनेस्टी इंटरनेशनल ने श्रीलंका सरकार और तमिल विद्रोहियों के संगठन एलटीटीई से अनुरोध किया है दोनों पक्ष वहाँ जारी हत्याओं और अपहरण का दौर ख़त्म करें. पिछले एक महीने में श्रीलंका के उत्तरी और पूर्वी भाग में सौ लोग मारे गए हैं और इनमें 40 आम नागरिक थे. इस हिंसा के दौर से वर्ष 2002 में शुरु हुआ संघर्षविराम के जारी रहने पर सवालिया निशान लग गया है. श्रीलंका की सरकार एलटीटीई पर आरोप लगाती है कि वह सैनिकों पर हमले कर रहा है. उधर विद्रोहियों का आरोप है कि आम नागरिकों के साथ मार-पीट हो रही है और कुछ लोगों को सेना ने जान से मार दिया है. एमनेस्टी का कहना है कि क्रिस्मस की पूर्वसंध्या पर तमिल सांसद जोज़फ़ पराजासिंघम की हत्या और ट्रिंकोमाली में पाँच तमिल युवकों की हत्या भयानक घटनाएँ थीं. एमनेस्टी का कहना है कि वह श्रीलंका की सरकार से अनुरोध कर रही है कि वह इन हत्याओं के मामलों में स्वतंत्र और निष्पक्ष जाँच करवाए और जो कोई भी ज़िम्मेदार हो उन्हें दंड दे. एमनेस्टी ने तमिल विद्रोहियों से भी अनुरोध किया है कि वे वह अंतरराष्ट्रीय मानवीय क़ानूनों का पालन करे. | इससे जुड़ी ख़बरें कोलंबो में 900 लोग पुलिस हिरासत में31 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस 'उत्तरी श्रीलंका में स्थिति ख़तरनाक'28 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस जाफ़ना हमले में 11 सैनिकों की मौत27 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस सांसद की हत्या पर आरोप-प्रत्यारोप26 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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