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कोलंबो में 900 लोग पुलिस हिरासत में | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
श्रीलंका की राजधानी कोलंबों में सुरक्षाकर्मियों ने सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिया है. ऐसा कोलंबों में संदिग्ध तमिल चरमपंथियों की तलाश के दौरान हुआ है. वहाँ पाँच तमिल बहुल ज़िलों में मारे गए छापों के दौरान 900 लोगों को हिरासत में लिया गया है. पुलिस का कहना है कि हिरासत में लिए गए लोगों में से अधिकतर को पूछताछ के बाद छोड़ दिया जाएगा. श्रीलंका में हाल में हुए कई चरमपंथी हमलों के बाद सुरक्षा बढ़ा दी गई है. सरकार ने इन हमलों के लिए तमिल चरमपंथियों को ज़िम्मेदार ठहराया था. लेकिन तमिल चरमपंथी संगठन एलटीटीई ने इन आरोपों को खंडन किया था. श्रीलंका में वर्ष 2002 में दोनो पक्षों के बीच हुए संघर्षविराम पर निगरानी रखने वाले विदेशी निरीक्षकों का कहना है कि स्थिति तनावपूर्ण है. प्राप्त जानकारी के अनुसार पुलिस और सैनिकों ने घरों की तलाशी ली. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पी जयसुंदरा का कहना था कि ये इसलिए किया गया ताकि ये सुनिश्चित किया जा सके कि राजधानी में कोई विद्रोही न हों. हाल में ग्यारह नौसैनिक एक हमले में मारे गए थे. इस माह कुल मिलाकर 40 से ज़्यादा सैनिक मारे जा चुके हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें जाफ़ना हमले में 11 सैनिकों की मौत27 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस सांसद की हत्या पर आरोप-प्रत्यारोप26 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस एलटीटीई समर्थक सांसद की हत्या25 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस एलटीटीई की विदेशी प्रतिनिधियों से बात24 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस संघर्षविराम के उल्लंघन का आरोप18 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस हमले के लिए एलटीटीई की आलोचना17 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस श्रीलंका धमाके में सात सैनिकों की मौत06 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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