|
हमले के लिए एलटीटीई की आलोचना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
श्रीलंका में सरकार और तमिल विद्रोही संगठन एलटीटीई के बीच संघर्ष विराम की निगरानी करने वाले नॉर्वे के प्रतिनिधियों ने एक सैनिक हेलिकॉप्टर पर हमले के लिए एलटीटीई की आलोचना की है. बुधवार को श्रीलंकाई सेना का यह हेलिकॉप्टर इलाक़े के दौरे पर गए इटली के अधिकारियों को वापस लेने गया था. लेकिन एलटीटीई के नियंत्रण वाले इलाक़े से गुजरते समय इस पर गोलियाँ चलाईं गईं. नॉर्वे के मिशन के प्रमुख हैगरप हॉल्कलैंड ने कहा कि हेलिकॉप्टर सुरक्षित उतरने में सफल रहा. उन्होंने इस घटना को संघर्ष विराम का उल्लंघन बताया. उन्होंने कहा कि इस घटना से वर्ष 2002 में सरकार और एलटीटीई के बीच हुआ संघर्ष विराम समझौता ख़तरे में पड़ सकता है. उन्होंने कहा कि एलटीटीई विद्रोहियों को इस घटना की ज़िम्मेदारी लेनी चाहिए. नॉर्वे के प्रतिनिधि हॉल्कलैंड ने एलटीटीई से अपील की कि वे इसकी गारंटी लें कि ऐसी घटना दोबारा नहीं होगी. अभी तक एलटीटीई की ओर से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. घटना श्रीलंकाई सैनिक का एमआई-17 परिवहन हेलिकॉप्टर पर अरुगम खाड़ी इलाक़े में गोलियाँ दाग़ी गईं. चार गोलियाँ हेलिकॉप्टर पर लगीं. हेलिकॉप्टर आपात स्थिति में अम्पारा एयरफ़ील्ड में उतरा लेकिन किसी तरह का नुक़सान नहीं हुआ. अप्रैल 2003 से श्रीलंका सरकार और एलटीटीई के बीच सीधी बातचीत रुकी हुई है. लेकिन शुक्रवार को श्रीलंका की सरकार ने शांति वार्ता दोबारा शुरू करने के लिए एलटीटीई को बातचीत का औपचारिक न्यौता दिया. हालाँकि सरकार इस बात पर ज़ोर दे रही थी कि बातचीत श्रीलंका में ही होनी चाहिए. लेकिन पिछले हफ़्ते जापान ने नए सिरे से बातचीत अपने यहाँ कराने की पेशकश की थी. वैसे पिछले महीने राष्ट्रपति चुने जाने के बाद महिंदा राजपक्षे ने कहा था कि वे समझौते की शर्तों पर दोबारा बातचीत करेंगे जिसके बाद संघर्ष विराम पर सवालिया निशान लगने लगे थे. लेकिन अब श्रीलंका सरकार के प्रवक्ता निमल श्रीपाल डी सिल्वा का कहना है कि इस समय महत्वपूर्ण ये है कि जल्द से जल्द बातचीत हो और सरकार हर विषय पर विचार-विमर्श के लिए तैयार है. | इससे जुड़ी ख़बरें श्रीलंका धमाके में सात सैनिकों की मौत06 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस 'धमाके के लिए तमिल विद्रोही ज़िम्मेदार'05 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में धमाके में छह सैनिक मारे गए04 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस क्लिंटन की गृह युद्ध पर चेतावनी29 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस तत्काल बातचीत के लिए तैयार: राजपक्षे28 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस श्रीलंका सरकार को एलटीटीई की चेतावनी27 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस 'युद्धविराम की समीक्षा की जानी चाहिए'25 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस विक्रमनायके श्रीलंका के प्रधानमंत्री नियुक्त21 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||