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'युद्धविराम की समीक्षा की जानी चाहिए' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
श्रीलंका के नए राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे ने कहा है कि तमिल विद्रोहियों के साथ युद्धविराम की समीक्षा की जानी चाहिए. उनका कहना था कि देश को नई शांति प्रक्रिया की ज़रूरत है जिसमें 'आतंकवाद' सहन न किया जाए. लेकिन साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि वो तमिल विद्रोहियों के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं. राजपक्षे ने कहा कि लंबे समय से चले आ रहे इस संघर्ष का हल देश की सीमाओं में ढूंढा़ जाना चाहिए. उन्होंने तमिल विद्रोहियों की स्वतंत्र देश की माँग ठुकरा दी. तमिल विद्रोहियों से वार्ता ठप पड़ी है और 2002 में हुए युद्धविराम पर खतरा मंडरा रहा है. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि राजपक्षे ने अपने चुनाव अभियान के दौरान घोषणा की थी कि तमिल विद्रोहियों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. उत्तरी श्रीलंका के तमिल अल्पसंख्यकों ने 17 नवंबर को हुए मतदान में हिस्सा नहीं लिया था. बातचीत की पेशकश संसद में दिए अपने पहले नीतिगत भाषण में राजपक्षे ने कहा,'' युद्धविराम समझौते में बदलाव किया जाएगा ताकि आतंकवाद की कार्रवाई की अनुमति न दी जा सके.'' राष्ट्रपति ने कहा,'' मैं एक पारदर्शी शांति प्रक्रिया चाहता हूँ जो मानवाधिकारों का आदर करे. यह बच्चों की भर्ती की अनुमति नहीं देगी.'' उन्होंने तमिल विद्रोहियों की लंबे समय से चली आ रही स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता देने की मांग को ठुकरा दिया. राष्ट्रपति ने कहा,'' श्रीलंका पारंपरिक रूप से सिंहला, तमिल, मुस्लिम और मलय लोगों का देश रहा है.'' उन्होंने तमिल विद्रोहियों को बातचीत के लिए आमंत्रित किया. लेकिन विश्लेषकों का कहना है कि वो इस मुद्दे पर शायद ही उनसे बात करेंगे. नोर्वे की मध्यस्थता से तमिल विद्रोहियों के साथ 2002 में युद्धविराम हुआ था जिससे 20 साल से चला आ रहा गृहयुद्ध थमा था. इसमें 60 हज़ार से अधिक लोग मारे गए हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें श्रीलंका राष्ट्रपति चुनाव में राजपक्षे जीते17 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस राजपक्षे:अभिनय से राजनीति तक18 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में गुरूवार को राष्ट्रपति चुनाव16 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस 'एलटीटीई ने समझौते का उल्लघंन किया'10 मार्च, 2005 | भारत और पड़ोस श्रीलंका की समस्या और भारत का भविष्य04 फ़रवरी, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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