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श्रीलंका में गुरूवार को राष्ट्रपति चुनाव | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
श्रीलंका में गुरूवार को नए राष्ट्रपति के चुनाव के लिए मतदान होंगे. चुनाव में कुल 13 उम्मीदवार भाग्य आज़मा रहे हैं. लेकिन असल टक्कर प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे और विपक्षी नेता रनिल विक्रमसिंघे के बीच मानी जा रही है. दोनों प्रमुख उम्मीदवारों की राय शांति और आर्थिक मामलों पर बिल्कुल अलग-अलग है. चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों के अनुसार दोनों ही के बीच मुक़ाबला बराबरी का है. महिंदा राजपक्षे श्रीलंका फ़्रीडम पार्टी के नेता हैं जबकि विक्रमसिंघे यूनाईटेड नेशनल पार्टी के नेता. तमिल विद्रोहियों ने कहा है कि वे निष्पक्ष रहेंगे और उन्होंने मतदान में किसी तरह की बाधा नहीं पहुँचाने का भरोसा दिलाया है. लेकिन देश के उत्तरी क्षेत्र में रहनेवाले तमिलों ने चुनाव के बहिष्कार की घोषणा की है. श्रीलंका में राष्ट्रपति चंद्रिका कुमारतुंगा का कार्यकाल इस वर्ष समाप्त हो रहा है. वे दो बार देश की राष्ट्रपति रही हैं और पहली बार वे 1994 में इस पद पर आईं. चुनाव परिणाम शुक्रवार को आ सकते हैं. शांतिपूर्ण अभियान
श्रीलंका में पिछले छह वर्षों में चौथी बार कोई देशव्यापी चुनाव हो रहा है जिसमें एक करोड़ 30 लाख से अधिक मतदाता हिस्सा लेंगे. चुनाव प्रचार के लिए अभियान सोमवार को समाप्त हुआ लेकिन सुरक्षा कारणों से प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे कोलंबो में अपनी अंतिम चुनावी सभा में नहीं गए. मगर रनिल विक्रमसिंघे बुलेटप्रूफ़ जैकेट पहनकर अपनी चुनाव सभा में शामिल हुए. राष्ट्रपति चुनाव के लिए पूरे देश में सुरक्षा के अभूतपूर्व प्रबंध किए गए हैं. श्रीलंका में इससे पहले के चुनावों में तमिल विद्रोहियों के कारण भारी हिंसा हुई थी लेकिन इस वर्ष चुनाव अभियान अपेक्षाकृत रूप से शांतिपूर्ण रहा है. देश के उत्तर और पूर्वी हिस्से में तमिल विद्रोहियों का प्रभाव है और वहाँ मतदान नहीं होगा. विद्रोहियों ने कहा है कि उनकी चुनाव में कोई दिलचस्पी नहीं है और उन्हें इससे कोई अंतर नहीं पड़ता कि कौन जीतता है. कोलंबो स्थित बीबीसी संवाददाता का कहना है कि तमिलों के मतदान से दूर रहने से विपक्षी दल यूनाईटेड नेशनल पार्टी के उम्मीदवार रनिल विक्रमसिंघे को नुक़सान हो सकता है. विक्रमसिंघे 2002 में देश के प्रधानमंत्री थे जब श्रीलंका सरकार और तमिल विद्रोहियों के बीच युद्धविराम पर सहमति हुई थी. | इससे जुड़ी ख़बरें 'कुमारतुंगा का कार्यकाल दिसंबर तक'26 अगस्त, 2005 | भारत और पड़ोस राष्ट्रपति के भाई बने विदेश मंत्री22 अगस्त, 2005 | भारत और पड़ोस नॉर्वे में बातचीत से इनकार25 अगस्त, 2005 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में आपातकाल की अवधि बढ़ी18 अगस्त, 2005 | भारत और पड़ोस विदेश मंत्री की हत्या के बाद श्रीलंका में आपातकाल13 अगस्त, 2005 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में सत्तारूढ़ गठबंधन में फूट15 जून, 2005 | भारत और पड़ोस क्या है श्रीलंका का तमिल संकट02 मई, 2004 | भारत और पड़ोस इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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