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श्रीलंका में आपातकाल की अवधि बढ़ी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
श्रीलंका में विदेश मंत्री लक्ष्मण कदिरगामर की हत्या के बाद लागू किए गए आपातकाल को देश की संसद ने एक महीने बढ़ाने की अनुमति दे दी है. श्रीलंका की संसद ने ये कदम उठाते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तमिल विद्रोहियों के संगठन एलटीटीई के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने का अनुरोध किया है. श्रीलंका की सरकार एलटीटीई को कदिरगामर की हत्या के लिए ज़िम्मेदार ठहराती है लेकिन एलटीटीई ने इन आरोपों का खंडन किया है. इसके बाद सेना को व्यापक अधिकार मिल जाएँगे जिनके तहत वह खोजबीन और बिना वॉरंट के गिरफ़्तारी कर सकती है. इसके तहत जनसभा आयोजित करने पर प्रतिबंध होगा और राष्ट्रपति मीडिया पर सेंसरशिप भी लगा सकती हैं. श्रीलंकाई संसद के 124 सांसदों ने इसके पक्ष में और 21 ने इसके ख़िलाफ़ मतदान किया. सरकार का कहना है कि आपातकाल के तहत अतिरिक्त अधिकार कदिरगामर के हत्यारों का पता लगाने के लिए ज़रूरी हैं. श्रीलंका की सरकार ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तमिल विद्रोहियों पर दबाव बनाने का अनुरोध किया है ताकि वे साढ़े तीन साल पहले लागू हुए संघर्षविराम पर कायम रहें. |
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