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'एलटीटीई ने समझौते का उल्लघंन किया' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
श्रीलंका की सरकार ने तमिल विद्रोही संगठन लिब्रेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (एलटीटीई) पर संघर्षविराम का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है. बीबीसी के साथ एक इंटरव्यू में श्रीलंका की रक्षा सेवा के प्रवक्ता ब्रिगेडियर दया रत्नायके ने कहा कि एलटीटीई ने संघर्षविराम की अवधि को अपनी ताकत बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया है उनका दावा है कि एलटीटीई ने एक या दो विमान भी ख़रीद लिए हैं. जब ब्रिगेडियर दया रत्नायके से पूछा गया कि क्या इससे श्रीलंका में सैन्य संतुलन बदला है तो उनका कहना था कि श्रीलंका की सरकार ताज़ा कदमों से पैदा हुए ख़तरे के बारे में सतर्क है. उन्होंने विद्रोही संगठन के नेता एंडन बालासिंघम के हवाले से दिए बयान पर भी प्रतिक्रिया दी जिसके तहत कहा गया था कि श्रीलंका के उत्तर में उनकी एक हवाई पट्टी है जो संघर्षविराम से पहले से वहाँ मौजूद है. ब्रिगेडियर दया रत्नायके ने कहा कि यदि हवाई पट्टी पहले से मौजूद होती तो श्रीलंका की सेना ने उसे नष्ट कर दिया होता. श्रीलंका की राष्ट्रपति चंद्रिका कुमारतुंग ने नॉर्वे से इस बारे में विरोध जताया है. नॉर्वे दोनो पक्षों के बीच मध्यथता कर रहा है. राष्ट्रपति कुमारतुंग ने कहा है कि एलटीटीई श्रीलंका की वायुसीमा के लिए ख़तरा पैदा कर रही है. |
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